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आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए प्रदत्त टी.एच.आर.में शुगर की मात्रा में की गई कमी

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Dec 12, 2025

बच्चों के पोषण स्तर को सुदृढ़ करने की दिशा में राज्य सरकार का महत्वपूर्ण कदम

रायगढ़, 12 दिसम्बर 2025/ राज्य सरकार द्वारा बच्चों के संपूर्ण विकास एवं पोषण गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए आंगनबाड़ी केन्द्रों में वितरित किए जाने वाले टेक होम राशन (टी.एच.आर.) में शुगर की मात्रा को 27 प्रतिशत से घटाकर 11 प्रतिशत कर दिया गया है। यह निर्णय वैज्ञानिक तथ्यों, स्वास्थ्य मानकों तथा राष्ट्रीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार अत्यधिक चीनी का उपयोग बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक सिद्ध होता है। शुगर की अधिक मात्रा बच्चों में मोटापा, दांतों की सड़न तथा कम उम्र में मधुमेह जैसी स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को बढ़ाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन भी बच्चों के आहार में न्यूनतम मात्रा में चीनी उपयोग करने की अनुशंसा करता है। टी.एच.आर. का मूल उद्देश्य बच्चों को आवश्यक पोषण उपलब्ध कराना है। शुगर अधिक होने पर कैलोरी तो बढ़ती है, परंतु प्रोटीन, आयरन और विटामिन जैसे आवश्यक पोषक तत्वों की उपलब्धता कम हो जाती है। शुगर की मात्रा कम करने से पोषक तत्वों का अनुपात बढ़ेगा तथा दाल, दलिया, चना और मूंगफली जैसे पौष्टिक अवयवों का समुचित समावेश संभव होगा, जिससे टी.एच.आर. की पोषक घनत्व में वृद्धि होगी।
महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री एल.आर. कच्छप ने बताया कि कुपोषित बच्चों के लिए मात्र कैलोरी पर्याप्त नहीं है, उन्हें उच्च गुणवत्ता वाले पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। शुगर कम होने से टी.एच.आर. वास्तविक पोषण प्रदान करने में अधिक सक्षम होगा तथा बच्चों के स्वास्थ्य सुधार में महत्वपूर्ण योगदान देगा। अत्यधिक मीठा खाद्य पदार्थ बच्चों में मिठास की आदत को बढ़ावा देता है। शुगर कम करने से बच्चों में प्राकृतिक स्वाद ग्रहण करने की क्षमता विकसित होती है और आगे चलकर संतुलित आहार लेने की आदत प्रोत्साहित होती है। यह निर्णय पोषण अभियान एवं आईसीडीएस के दिशा-निर्देशों के अनुरूप है, जिनमें कम शुगर एवं उच्च पोषण वाले खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देने का उल्लेख है।

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