गाँव से शहर तक पहुँचाई ऑर्गेनिक तेल की खुशबू
रायगढ़, 6 जनवरी 2026/ बड़े नवापारा बरमकेला के रहने वाले सत्याराम साहू, जो कभी केवल पारंपरिक खेती करते थे, आज जिले के सफल ऑर्गेनिक ऑयल उद्यमियों में गिने जाते हैं। पीएमएफएमई योजना की सहायता और अपनी मेहनत के बल पर उन्होंने अपने छोटे व्यवसाय को बड़े स्तर पर विकसित किया और अपनी मेहनत को सफलता में बदल दिया। सत्याराम साहू का परिवार पारंपरिक खेती पर निर्भर था। बढ़ती लागत और कम दाम की वजह से उनकी आमदनी सीमित थी और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो रहा था। इसी दौरान उन्होंने यह ठाना कि कुछ नया किया जाए और खेती भी से आय बढ़ाई जाए। उन्होंने महसूस किया कि बाजार में केमिकल-फ्री और ऑर्गेनिक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है। उनके क्षेत्र में सरसों, तिल और मूंगफली की अच्छी पैदावार थी। उन्होंने सोचा कि अगर वे खुद तेल तैयार करें और ब्रांडेड तरीके से बेचें, तो अधिक मुनाफा मिलेगा।
सत्याराम साहू ने जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र रायगढ़ से संपर्क किया और पीएमएफएमई योजना के तहत वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण की जानकारी ली। योजना के पात्रतानुसार उन्होंने आवेदन किया और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से ऋण एवं 10 लाख रुपये का अनुदान प्राप्त कर 29.80 लाख रुपये की परियोजना में निवेश किया। इसके बाद उन्होंने न्यू मरीन ड्राइव, रायगढ़ में ऑर्गेनिक ऑयल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना की। उन्होंने सरसों, तिल, नारियल और मूंगफली से केमिकल-फ्री और ऑर्गेनिक आयल का उत्पादन शुरू किया। इस कार्य में सत्याराम ने अपने साथ चार अन्य बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिया। उनकी इकाई न केवल आर्थिक रूप से सफल है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वावलंबन और रोजगार सृजन का प्रतीक भी बन चुकी है।
सत्याराम साहू कहते हैं कि पीएमएफएमई योजना ने उनकी सोच को आकार दिया और व्यवसाय को नई ऊँचाइयाँ दी। आज उनकी मासिक बिक्री 2.50 से 3 लाख रुपये तक पहुँच चुकी है। इससे वह अच्छा खासा आमदनी प्राप्त कर रहे हैं। यह योजना उनके लिए जीवन बदलने वाली साबित हुई है। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक सुश्री अंजू नायक ने बताया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना भारत के छोटे फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को संगठित और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह योजना वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और समर्थन का संपूर्ण पैकेज देती है, जिससे छोटे उद्यमी अपनी उत्पादकता, गुणवत्ता और मुनाफा बढ़ा सकते हैं। योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया सरल है, और इच्छुक उद्यमी पीएमएफएमई पोर्टल या जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
किसान से उद्यमी बने सत्याराम साहू, पीएमएफएमई योजना ने बदली जिंदगी
