लंबित प्रकरणों के त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के दिए सख्त निर्देश
कलेक्टर ने ली समय–सीमा की मैराथन समीक्षा बैठक
रायगढ़, 3 फरवरी 2026/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने आज जिला कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की समीक्षा बैठक में जिले के विभिन्न विभागों की प्रगति की विस्तारपूर्वक समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आम नागरिकों से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित प्रकरणों का त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों का क्रियान्वयन केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि इनका शत-प्रतिशत लाभ जमीनी स्तर पर पात्र हितग्राहियों तक पहुँचे।
मुख्यमंत्री के संभावित रायगढ़ दौरे को लेकर तैयारियों के निर्देश
बैठक में कलेक्टर ने बताया कि 14 फरवरी को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का रायगढ़ आगमन संभावित है। इसे देखते हुए उन्होंने समस्त निर्माण एजेंसियों एवं विभागीय प्रमुखों को लोकार्पण एवं भूमिपूजन योग्य कार्यों की सूची तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यक्रम की तैयारियों में पूरी गंभीरता से जुटने और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने को कहा।
राजस्व प्रकरणों की गहन समीक्षा
कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए अविवादित एवं विवादित नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, डायवर्सन तथा त्रुटि सुधार जैसे लंबित प्रकरणों की तहसीलवार विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे संबंधित नियमों का गहन अध्ययन कर नियमानुसार त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें। बैठक में लैंडबैंक निर्माण के लिए तहसीलवार उपयुक्त शासकीय भूमि चिन्हांकन की प्रगति की भी समीक्षा की गई तथा इस कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने राजस्व अभिलेखों के अद्यतीकरण की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए राजस्व अधिकारियों को इसे प्राथमिकता के साथ शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही विभिन्न विभाग प्रमुखों को भूमि आवंटन से संबंधित प्रकरणों में बिना विलंब तत्काल अनापत्ति प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि विकास कार्य प्रभावित न हों।
निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश
कलेक्टर ने निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए कि जिले में चल रहे कार्यों में मानक गुणवत्ता का शत-प्रतिशत पालन किया जाए तथा कार्यों की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए। बैठक में जिले में नवीन पर्यटन स्थलों के चिन्हांकन एवं विकास, सामुदायिक सहभागिता से जल संरक्षण एवं जलस्रोतों के रिचार्ज तथा नल-जल योजनाओं के प्रभावी संचालन एवं संधारण की भी समीक्षा की गई।
आधार संतृप्तिकरण एवं स्वास्थ्य-पोषण कार्यक्रमों पर विशेष फोकस
कलेक्टर ने 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के आधार पंजीयन, लंबित बायोमेट्रिक अपडेट तथा 100 वर्ष से अधिक आयु के आधार धारकों के सत्यापन की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देश दिए कि जिले में एनीमिया एवं कुपोषण में प्रभावी कमी लाने के लिए संयुक्त कार्य योजना बनाकर परिणाममूलक ढंग से कार्य किया जाए, जिससे बाल विकास के निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके।
स्पर्श लेप्रोसी अवेयरनेस अभियान एवं स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा
बैठक में स्वास्थ्य विभाग की गहन समीक्षा करते हुए आयुष्मान कार्ड पंजीयन, पीवीसी कार्ड वितरण, सिकल सेल, हाइपरटेंशन, टेलीमेडिसिन की प्रगति पर चर्चा की गई। कलेक्टर ने ‘स्पर्श लेप्रोसी अवेयरनेस अभियान’ के तहत ग्राम स्तर पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज परिसर में निर्माणाधीन 50 बिस्तर के क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल के कार्य को गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करने को कहा। जिला खाद्य एवं औषधि नियंत्रण अधिकारी को रोस्टर अनुसार मेडिकल स्टोरों की औचक जांच कर अमानक एवं नशीली दवाओं की बिक्री पर सख्त कार्रवाई करने तथा होटल एवं रेस्टोरेंट में खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
पीएम स्वनिधि, श्रम–योगी मानधन एवं डीएमएफ कार्यों पर निर्देश
कलेक्टर ने पीएम स्वनिधि योजना के तहत स्ट्रीट वेंडर्स को मिलने वाले गारंटी-मुक्त ऋण के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रधानमंत्री श्रम-योगी मानधन योजना एवं एनपीएस ट्रेडर्स योजना के माध्यम से रिक्शा चालक, मितानिन, रसोइया सहित असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को पेंशन सुरक्षा से जोड़ने हेतु विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने रबी सीजन में किसानों को धान के स्थान पर दलहन एवं तिलहन फसलों को अपनाने तथा नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया जैसी आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करने को कहा। इसके साथ ही खाद्य विभाग को शासकीय उचित मूल्य दुकानों में राशन भंडारण एवं चावल उत्सव के सुचारू संचालन के निर्देश दिए गए। उन्होंने डीएमएफ अंतर्गत स्वीकृत कार्यों को पारदर्शिता के साथ निर्धारित समय में पूर्ण करने कहा। इस अवसर पर डीएफओ रायगढ़ श्री अरविंद पीएम, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, नगर निगम आयुक्त श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय, अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, श्री रवि राही, डॉ.प्रियंका वर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्री राकेश गोलछा, श्रीमती पूजा बंसल, डिप्टी कलेक्टर श्री धनराज मरकाम सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
