एक दुकान से 9 टन यूरिया जब्त तो दूसरी पर 21 दिन का विक्रय प्रतिबंध
रायगढ़, 11 जून 2026/ जिले में किसानों को निर्धारित मात्रा और उचित व्यवस्था के तहत उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर के निर्देश पर उर्वरक दुकानों की सघन जांच जारी है। इसी क्रम में संयुक्त जांच दल द्वारा पुसौर क्षेत्र में की गई कार्रवाई के दौरान दो अलग-अलग प्रतिष्ठानों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं, जिसके बाद जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए एक दुकान से 9 टन यूरिया जब्त किया है, जबकि दूसरी दुकान पर 21 दिनों का विक्रय प्रतिबंध लगाया गया है।
उप संचालक कृषि ने बताया कि संयुक्त जांच दल ने अग्रवाल खाद भंडार, पुसौर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान में एचयूआरएल कंपनी का लगभग 09 टन यूरिया भौतिक रूप से भंडारित पाया गया। जांच के समय उपलब्ध स्टॉक पंजी, विक्रय अभिलेख एवं पीओएस मशीन का मिलान करने पर उक्त यूरिया की कोई प्रविष्टि दर्ज नहीं मिली। जांच दल ने पाया कि वास्तविक भंडारण और अभिलेखों में दर्ज स्टॉक के बीच स्पष्ट अंतर है। प्रथम दृष्टया यह मामला उर्वरक भंडारण एवं विक्रय से संबंधित नियमों के उल्लंघन का प्रतीत होने पर अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे 09 टन यूरिया को जब्त कर जप्ती पंचनामा तैयार किया तथा आगे की विस्तृत जांच प्रारंभ कर दी है।
बाबा मोहनदास एग्रो शॉप में भी मिली गड़बड़ी
संयुक्त जांच दल ने आज बाबा मोहनदास एग्रो शॉप, पुसौर का भी निरीक्षण किया। जांच के दौरान एसएसपी उर्वरक के स्टॉक का मिलान करने पर पीओएस एंट्री, स्टॉक रजिस्टर और वास्तविक भंडारण में अंतर पाया गया। अधिकारियों के अनुसार दुकान में उपलब्ध उर्वरक की मात्रा और अभिलेखों में दर्ज आंकड़ों में विसंगति सामने आई, जो उर्वरक वितरण व्यवस्था में गंभीर लापरवाही और नियमों के उल्लंघन की ओर संकेत करती है। मामले को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त जांच दल ने प्रथम दृष्टया उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के प्रावधानों के उल्लंघन का मामला मानते हुए संचालक के विरुद्ध नियमानुसार 21 दिनों का विक्रय प्रतिबंध लगाने की कार्रवाई की है।
खरीफ सीजन को देखते हुए जिले में उर्वरकों की उपलब्धता, भंडारण और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। किसानों के लिए निर्धारित उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण अथवा अभिलेखों में गड़बड़ी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिले के सभी उर्वरक विक्रेताओं की नियमित जांच की जाए तथा जहां भी अनियमितता मिले, वहां नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

