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कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेड़वन का किया औचक निरीक्षण

ओपीडी, आईपीडी, महिला वार्ड, प्रसव कक्ष व आयुर्वेद हॉस्पिटल  की व्यवस्थाओं का लिया जायजा

सारंगढ़–बिलाईगढ़, 19 जनवरी 2026/ कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने सारंगढ़ विकासखंड अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेड़वन का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, मरीजों को उपलब्ध सुविधाओं तथा चिकित्सकीय व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान चिकित्सकों ने बताया कि ओपीडी में सर्दी-खांसी, कमजोरी, रक्तचाप एवं शुगर से पीड़ित मरीजों की संख्या अधिक आ रही है। कलेक्टर ने ड्रेसिंग रूम एवं लैब कक्ष का निरीक्षण कर आवश्यक जांच व्यवस्थाओं की जानकारी ली। साथ ही महिला वार्ड का निरीक्षण किया, जहां दस्त से पीड़ित भर्ती मरीजों से चर्चा कर उनका हाल-चाल जाना। गर्भवती माताओं के त्रैमासिक पंजीयन एवं नियमित स्वास्थ्य जांच की जानकारी लेकर उन्होंने प्रसव कक्ष का भी निरीक्षण किया। आईपीडी की स्थिति पर जानकारी देते हुए चिकित्सकों ने बताया कि प्रतिमाह लगभग 100 मरीज भर्ती होकर उपचार प्राप्त कर रहे हैं।

इसके पश्चात कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे ने आयुष्मान आरोग्य (आयुर्वेद) अस्पताल का भी निरीक्षण किया। यहां पदस्थ चिकित्सक डॉ. अशोक कुमार पांडेय ने बताया कि मर्म चिकित्सा के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 35 मरीजों का उपचार किया जा रहा है, जिनमें मुख्यतः सायटिका व अन्य स्नायु संबंधी दर्द के मरीज शामिल हैं। वर्तमान में बरमकेला क्षेत्र सहित आसपास के क्षेत्रों से मरीज उपचार हेतु यहां आ रहे हैं। कटीबस्ती, जानु बस्ती, नाड़ी सेल सहित जिले में केवल भेड़वन में ही यह विशेष उपचार उपलब्ध है, जिससे मरीजों को दर्द से राहत मिल रही है।
कलेक्टर ने पंचकर्म चिकित्सा कक्ष एवं पंचकर्म थैरेपी सेंटर का भी निरीक्षण किया। साथ ही आयुर्वेदिक उपचार हेतु विकसित हर्बल गार्डन का अवलोकन किया, जहां रक्तचंदन, आंवला, हींग, बाकुल (दांत साफ करने हेतु), अश्वगंधा, मूंगा, स्नुही (आयुर्वेदिक सर्जरी में उपयोगी), अपराजिता, रुद्राक्ष, तेजपत्ता, चीनी एवं इंसुलिन प्लांट जैसे औषधीय पौधे लगाए गए हैं। चिकित्सकों ने बताया कि इंसुलिन प्लांट की पत्तियों का नियमित सेवन अत्यधिक शुगर नियंत्रण में सहायक होता है।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने, मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने तथा आयुर्वेदिक एवं आधुनिक चिकित्सा के समन्वय से जनस्वास्थ्य सुधार के निर्देश दिए।

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