कलेक्टर द्वारा लैलूंगा वनांचल के शैक्षणिक संस्थानों, नर्सिंग कॉलेज, छात्रावास और कृषि योजनाओं पर बनाई गई स्पष्ट कार्ययोजना
कलेक्टर ने जिले के सुदूर एवं आदिवासी बाहुल्य लैलूंगा विकासखंड का किया सघन दौरा
रायगढ़, 26 फरवरी 2026/ जिले के सुदूर, दुर्गम और आदिवासी बहुल विकासखंड लैलूंगा के व्यापक निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने योजनाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लेते हुए स्पष्ट, समयबद्ध और परिणामोन्मुख निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वनांचल क्षेत्र में शिक्षा, आधारभूत संरचना और आजीविका से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
कलेक्टर को लैलूंगा के झगरपुर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के निरीक्षण के दौरान छात्रावास अधीक्षिका ने भवन की मरम्मत, बाउंड्री फेसिंग तथा परिसर में जर्जर भवन की समस्या से अवगत कराया। कलेक्टर ने तत्काल सीईओ जनपद पंचायत को निर्देशित किया कि हॉस्टल एवं स्कूल भवन की मरम्मत, बाउंड्री फेसिंग और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए शीघ्र प्राक्कलन तैयार कर प्रस्तुत करें। साथ ही परिसर में स्थित जर्जर भवन को प्राथमिकता से डिस्मेंटल करने के निर्देश दिए, ताकि छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
नर्सिंग कॉलेज और डीएवी स्कूल में कार्यप्रक्रिया तेज करने के निर्देश
कुंजारा में प्रस्तावित बीएससी नर्सिंग कॉलेज के संचालन के लिए चिन्हित वैकल्पिक भवन और छात्रावास का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा यह परियोजना क्षेत्र के युवाओं, विशेषकर आदिवासी छात्राओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोलेगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा तय कर कार्य पूर्ण करने की कार्ययोजना बनाने को कहा। डीएवी स्कूल कुंजारा में भवन की जर्जर स्थिति पर कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग को टेंडर प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उप अभियंता द्वारा बताया गया कि स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है और अनुमति के लिए प्रस्ताव बिलासपुर अधीक्षण कार्यालय भेजा गया है। इस पर कलेक्टर ने चार दिनों के भीतर प्रक्रिया में प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहन, गुणवत्ता पर विशेष जोर
कुंजारा में संचालित रेडी-टू-ईट इकाई के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद कर उनके कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि समूह प्राथमिक क्षेत्र से द्वितीयक क्षेत्र की ओर अग्रसर हो रहे हैं, जो आत्मनिर्भरता की दिशा में सकारात्मक संकेत है। उन्होंने गुणवत्ता, नियमित उत्पादन और पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए तथा आश्वस्त किया कि किसी भी समस्या में प्रशासन पूरा सहयोग करेगा।
छात्रावास, आईटीआई और कृषि योजनाओं की समीक्षा
100 सीटर कन्या छात्रावास एवं आईटीआई कॉलेज का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने कहा कि प्रस्तावित नर्सिंग कॉलेज से क्षेत्र के युवाओं को शत-प्रतिशत रोजगार अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस पहल की जा रही है। उन्होंने ग्रामीण अंचल में कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने पर बल दिया। कृषि विभाग के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना एवं डीएमएफ मद से संचालित रागी फसल प्रदर्शन का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने उत्पादन वृद्धि और वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। साथ ही प्रगतिशील किसान श्री कलिंदर नायक द्वारा तैयार गेहूं और चना फसल का अवलोकन कर अन्य किसानों को भी आधुनिक पद्धतियां अपनाने के लिए प्रेरित करने को कहा। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक कार्य के लिए स्पष्ट कार्ययोजना, समय-सीमा और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। दौरे के दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार, एसडीएम लैलूंगा श्री भरत कौशिक, सीईओ जनपद पंचायत लैलूंगा सुश्री प्रीति नायडू सहित संबंधित विभागीय अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने आदिवासी बहुल लैलूंगा में योजनाओं और शासकीय आधारभूत संरचनाओं का किया अवलोकन

