रायगढ़, 4 जनवरी 2026/ जिला प्रशासन द्वारा जिले में औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यस्थल पर सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा सम्भाग रायगढ़ द्वारा निरंतर निरीक्षण एवं आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। निरीक्षण के दौरान कारखाना अधिनियम एवं छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली के प्रावधानों की अवहेलना करने वाले कारखानों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में रायगढ़ जिले में स्थापित कारखानों में घटित औद्योगिक दुर्घटनाओं की जांच एवं निरीक्षण के दौरान पाए गए गंभीर उल्लंघनों के आधार पर कारखाना अधिनियम, 1948 एवं छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली 1962 के अंतर्गत कुल 03 कारखानों के विरुद्ध श्रम न्यायालय रायगढ़ में आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा सम्भाग रायगढ़ के उप संचालक श्री राहुल पटेल ने बताया कि निरीक्षण के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाना पाया गया, जिससे श्रमिकों की जान एवं स्वास्थ्य को खतरा उत्पन्न हुआ। इन परिस्थितियों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कारखानों के अधिभोगियों एवं प्रबंधकों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई है। दायर प्रकरणों में मेसर्स सुनील इस्पात एंड पावर प्रा. लि., ग्राम चिरईपानी, पोस्ट लाखा के अधिभोगी एवं कारखाना प्रबंधक श्री प्रमोद कुमार तोला के विरुद्ध कारखाना अधिनियम की धारा 7ए(2)(ए) एवं 7ए(2)(सी) के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया है। इसी प्रकार मेसर्स आर.एस. इस्पात (रायगढ़) प्रा. लि., ओ.पी. जिंदल इंडस्ट्रियल पार्क, पूंजीपतरा के अधिभोगी एवं कारखाना प्रबंधक श्री विवेक चंद्र उपाध्याय के विरुद्ध कारखाना अधिनियम, 1948 की धारा 7ए(2)(ए) एवं धारा 21(1)(4) के तहत कार्रवाई की गई है। वहीं मेसर्स एमएसपी स्टील एंड पावर लिमिटेड, ग्राम एवं पोस्ट जामगांव के अधिभोगी श्री प्रदीप कुमार डे के विरुद्ध कारखाना अधिनियम की धारा 7ए(2)(डी) एवं 7ए(2)(ए) के अंतर्गत आपराधिक प्रकरण दायर किया गया है। उप संचालक श्री पटेल ने बताया कि श्रमिकों की सुरक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में भी कारखाना अधिनियम का उल्लंघन करने वाले किसी भी कारखाने के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
नियमों के उल्लंघन पर 03 कारखानों के विरुद्ध श्रम न्यायालय में आपराधिक प्रकरण दर्ज

