सारंगढ़ बिलाईगढ़, 6 मार्च 2026/’डिजिटल अरेस्ट’ एक साइबर धोखाधड़ी है। आरबीआई, पुलिस या सरकारी एजेंसियों के नाम का दुरुपयोग करके ठग पैसे एंठने या निजी जानकारी साझा करने के लिए किसी अपराध में गिरफ्तारी का धारा बताकर जनता को डराते हैं। याद रखें, किसी अपराध में गिरफ्तारी मोबाइल या वाट्सअप ऑडियो, वीडियो कॉल, संदेश से नहीं होती है। निजी जानकारी साझा न करें। हमेशा कॉल करने वाले की जांच करें। संदेह हो तो बैंक से संपर्क करें जागरूक रहें। सुरक्षित रहें, तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in को रिपोर्ट करें। अधिक जानकारी के लिए कृपया https://rbikehtahai.rbi.org.in/hindi/index.html पर क्लिक करें।
“‘डिजिटल अरेस्ट फ्राड करने वाले का चाल है, कोई ऑनलाइन गिरफ्तार नहीं कर सकता”आरबीआई कहता है, जानकार बनिए, सतर्क रहिए

