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दिव्यांगता नहीं बनी बाधा, संतोष यादव ने खड़ा किया आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार


सरकारी योजना से मिली ताकत, छोटी दुकान से हर माह स्थायी आय अर्जित कर बने प्रे
रणा
रायगढ़, 17 अप्रैल 2026/ दृढ़ इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन मिल जाए तो सीमाएं भी सफलता की राह नहीं रोक पातीं। इसका सशक्त उदाहरण हैं रायगढ़ जिले के ग्राम विजयपुर निवासी संतोष कुमार यादव, जिन्होंने शारीरिक दिव्यांगता के बावजूद आत्मनिर्भर बनकर एक मिसाल कायम की है। जन्म से शारीरिक चुनौतियों का सामना कर रहे संतोष के लिए जीवन आसान नहीं था। एक हाथ के अभाव और दोनों पैरों की कमजोरी के चलते सामान्य कार्य भी कठिन थे।
     बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा था। इसी दौरान उन्हें छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम की योजना की जानकारी मिली। समाज कल्याण विभाग रायगढ़ के मार्गदर्शन में उन्होंने आवेदन किया और शीघ्र ही 50 हजार रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। इस सहायता से उन्होंने एक छोटी किराना दुकान शुरू की। शुरुआत भले ही सीमित संसाधनों से हुई, लेकिन मेहनत और लगन के दम पर आज उनकी दुकान नियमित आय का जरिया बन चुकी है।
     संतोष वर्तमान में प्रतिमाह 10 से 15 हजार रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं और अपने परिवार का सहारा बने हुए हैं। उन्होंने ऋण की किस्तों का समय पर भुगतान कर अनुशासन और जिम्मेदारी का भी परिचय दिया है। अब वे अन्य लोगों को भी शासन की योजनाओं के प्रति जागरूक कर रहे हैं। संतोष यादव की यह सफलता कहानी संदेश देती है कि अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर कोई भी व्यक्ति अपनी कमजोरियों को ताकत में बदल सकता है।

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