• Sat. Aug 30th, 2025

chattisgarhmint.com

सच की बात है

प्रख्यात तबला वादक पं. योगेश शम्सी ने तबले की थाप से बांधा समां, बिखेरा कला का जादू

Bychattisgarhmint.com

Aug 29, 2025


पंडित शम्सी ने अपनी उंगलियों के जादू से तीन ताल की लयकारी प्रस्तुत कर श्रोताओं को किया मंत्रमुग्ध
रायगढ़, 29 अगस्त 2025/ अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चक्रधर समारोह में दिल्ली से आए देश के सुप्रसिद्ध तबला वादक पंडित योगेश शम्सी और उनके साथी कलाकार की सारंगी की जुगलबंदी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। समारोह में पंडित योगेश शम्सी ने अपनी उंगलियों के जादू से तीन ताल की लयकारी प्रस्तुत की। वहीं, उनके साथी कलाकार ने सारंगी की दिल छू लेने वाली धुनों से समारोह में एक मधुरता घोल दी। तबले और सारंगी का यह अनोखा मिलन समारोह को उत्साह और ऊर्जा से भर गया। कलाकारों की इस अद्भुत प्रस्तुति ने सभी श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। समारोह स्थल में दर्शकों ने जोरदार तालियों की गडग़ड़ाहट से कलाकारों का अभिनंदन किया।
           पं. योगेश शम्सी का जन्म संगीत घराने से जुड़ा है। उनके पिता प्रख्यात गायक पं. दिनकर कैकिनी थे। उन्होंने बचपन से ही पंडित एच.तारानाथ राव से तबला सीखना आरम्भ किया। तदोपरांत उन्होंने देश के महान तबला वादक उस्ताद अल्लारखा खाँ से शिक्षा प्राप्त की और 23 वर्षों तक लगातार उनके साथ संगति की। पं.शम्सी ने देश के प्रख्यात तबला वादक उस्ताद विलायत खां, पंडित शिवकुमार शर्मा, पं. हरिप्रसाद चौरसिया, उस्ताद राशिद खान, पं. भीमसेन जोशी सहित देश के दिग्गज कलाकारों के साथ मंच साझा किया है। साल 2017 में उन्हें तबला वादन के लिए संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
              पंडित योगेश शम्सी ने हिंदुस्तान के पंजाब घराने से ताल्लुक रखते है। उनकी संगत हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के हर मंच पर विशेष आकर्षण का केंद्र रहती है। उनकी संगत में उत्साह, जोश, लयकारी और निखार श्रोताओं को अद्भुत अनुभूति प्रदान करती है। पिछले 34 वर्षों से पं.शम्सी तबला वादन की साधना में निरंतर सक्रिय हैं और अनेक प्रतिष्ठित मंचों पर अपनी कला का जादू बिखेरते आ रहे हैं। चक्रधर समारोह के मंच पर जब उन्होंने तबले की थाप से समां बांधा तो समारोह स्थल तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंज उठा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *