Site icon chattisgarhmint.com

शासकीय पी.डी. महाविद्यालय में वित्तीय जागरूकता कार्यक्रम संपन्न

पी.डी. कॉलेज के विद्यार्थियों ने बढ़ाया केवाईसी से सीकेवाईसी की ओर पहला कदम।


रायगढ़ः- शासकीय पालू रामधनानिया वाणिज्य एवं कला महाविद्यालय, रायगढ़ में शुक्रवार 13 फरवरी 2026 को एक वित्तीय जागरूकता कार्यशाला आयोजित हुई। जो “आरबीआई, एसबीआई एवं पी.डी. कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में वित्तीय जागरूकता कार्यशाला सफलता पूर्वक सम्पन्न हुई। इस अवसर पर रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया और भारतीय स्टेट बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों ने विद्यार्थियों को वित्तीय साक्षरता के महत्व से भली प्रकार अवगत कराया। 
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत से हुआ। विशेष रूप से एसबीआई के चीफ़ मैनेजर श्री कमल किशोर सिंह और सेवानिवृत्त अधिकारी एवं वर्तमान में एसबीआई काउंसलर श्री राजकुमार शर्मा का अभिनंदन किया गया। तत्पष्चात् महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. ज्योति सोनी के निर्देषानुसार समन्वयक डॉ उषा नायक व सहायक प्राध्यापक एवं डॉ. हेमकुमारी पटेल के कुषल मार्गदर्षन में बिन्दुवार जानकारी प्रदान की गई।
चीफ मैनेजर श्री सिंह ने अपने व्याख्यान में तीन प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा की।  पहला केवाईसी से सीकेवाईसी से अपडेट होना एवं दूसरा वित्तीय स्वच्छता और तीसरा सुरक्षा पर प्रकाष डाला गया। उन्होंने बताया कि सी-केवाईसी के माध्यम से खाता धारक को केवल एक बार 14 अंकों वाला डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रदान किया जाता है, जिससे बैंकिंग सेवाओं को विभिन्न सरकारी विभागों से जोड़ना जाना संभव होता है, और बार-बार केवाईसी करवाने की समस्या के दूर होने की बात कही। इससे खाताधारकों की गोपनीयता सुरक्षित रहती है और आयकर विभाग सहित अन्य संस्थाएं इसकी निगरानी भी करती हैं। बढ़ते क्रम में काउंसलर श्री शर्मा ने कमान सम्हालते हुए विद्यार्थियों को ’’समन्वय पोर्टल’’ की जानकारी दी, जिसमें सभी बैंक एक साथ जुड़े रहते हैं और कैसे समय की बचत होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को 1930 टोल-फ्री नंबर के बारे में बताया, जिस पर कॉल कर किसी भी प्रकार के डिजिटल फ्रॉड की स्थिति में खाता तुरंत ब्लॉक कराया जा सकता है। साथ ही उन्होंने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी समझाई और वर्ष 2024 और 2025 में हुए डिजिटल फ्रॉड के आंकड़े साझा करते हुए विद्यार्थियों को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि 2024 में लगभग 2200 करोड़ रुपए का डिजिटल फ्रॉड हुआ, जो 2025 में 260 फीसदी बढ़ गया। उन्होंने विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार के धोखा-धड़ी के तरीकों जैसे इनाम का लालच, नकली डिलीवरी बॉय ओटीपी फ्रॉड या खाता हैक आदि की स्थिति, खाता ब्लॉक करने की धमकी, अनजान लिंक से बचने की चेतावनी दी। समापन सत्र में कार्यक्रम समन्वयक डॉ. उषा नायक ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित विद्यार्थियों ने इस विषय पर विचार-विमर्श किया और वित्तीय मामलों में उचित निर्णय लेने की प्रेरणा प्राप्त की। उल्लेखनीय है कि सहायक प्राध्यापक डॉ. संतोष कुमार नायक, डॉ. आर.के. लहरे, अतिथि व्याख्याता श्री किशोर कुमार माली, श्रीमती विमला कुर्रे, श्री आदर्श कुमार, पिंकी सारथी सहित महाविद्यालय के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मुख्य लिपिक श्री पन्ना लाल सोन, लिपिक श्री राम बजरंग थवाईत, कर्मचारी श्री षिव कुमार साव, श्री मीनकेतन निर्मलकर व श्री संतोष यादव उपस्थित रहे।

Exit mobile version