सिंगल विंडो सिस्टम की समीक्षा, विभिन्न अनुदान व क्लीयरेंस से जुड़े मामलों पर हुई विस्तृत चर्चा
उद्योग इकाइयों की समस्याओं के समाधान व श्रमिक सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन के निर्देश
रायगढ़, 05 मई 2026। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी की अध्यक्षता में जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की महत्वपूर्ण बैठक सृजन सभा कक्ष, कलेक्टर परिसर रायगढ़ में आयोजित की गई। बैठक में जिले में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने, निवेशकों को सुगम वातावरण उपलब्ध कराने तथा लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण को लेकर व्यापक चर्चा की गई।
बैठक में सिंगल विंडो सिस्टम के अंतर्गत लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने विभाग को निर्देश दिए कि निवेशकों से जुड़े सभी मामलों का समयबद्ध और प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास जिले की आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार है, ऐसे में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं होगा।
बैठक में ब्याज अनुदान, स्थायी पूंजी निवेश अनुदान, परियोजना प्रतिवेदन, उत्पादन प्रमाण-पत्र, मंडी शुल्क एवं स्टाम्प शुल्क में छूट, मार्जिन मनी अनुदान सहित विभिन्न योजनाओं से संबंधित लंबित प्रकरणों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि इन सभी मामलों में समन्वय स्थापित करते हुए शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करें, ताकि निवेशकों का विश्वास बना रहे और नए निवेश को प्रोत्साहन मिल सके।
इसके साथ ही लैंड बैंक, औद्योगिक भूमि की उपलब्धता, निजी भूमि अर्जन तथा शासकीय भूमि हस्तांतरण से जुड़े प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि उद्योग स्थापना के लिए भूमि उपलब्धता एक महत्वपूर्ण कारक है, इसलिए इन प्रकरणों को प्राथमिकता के साथ निराकृत किया जाए।
बैठक में जिला स्तर पर लंबित इंडस्ट्रियल क्लीयरेंस, एमओयू, इन्विटेशन टू इन्वेस्ट तथा अभिस्वीकृति पत्र प्राप्त इकाइयों की स्थापना में आ रही समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कलेक्टर ने उद्योग प्रतिनिधियों से सीधा संवाद करते हुए उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने विशेष रूप से श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने उद्योग संचालकों को निर्देशित किया कि सभी इकाइयों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए, मशीनों एवं संयंत्रों का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा संचालन के दौरान सुरक्षा के आदर्श मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए, जिससे किसी भी प्रकार की दुर्घटना या जनहानि की स्थिति उत्पन्न न हो।
बैठक में अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती पूजा बंसल, विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्पंज आयरन एवं पावर प्लांट इकाइयों के प्रतिनिधि, खनन क्षेत्र से जुड़े उद्यमी, शासन के साथ एमओयू निष्पादित इकाइयों तथा आईओआई प्रमाण पत्र धारक इकाइयों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र की मुख्य महाप्रबंधक श्रीमती अंजू नायक द्वारा समिति के निर्धारित एजेंडा बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी प्रस्तुत की गई।
बैठक के अंत में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र की मुख्य महाप्रबंधक श्रीमती अंजू नायक ने सभी उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए अधिकारियों एवं उद्योग प्रतिनिधियों का अमूल्य समय देने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

