निःशुल्क प्रशिक्षण के साथ मिलेगी टूल–किट, ड्रेस और प्लेसमेंट में सहायता, उद्योग आधारित कौशल से रोजगार के अवसर होंगे आसान
रायगढ़, 22 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी की मंशानुरूप युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में रायगढ़ जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर तमनार क्षेत्र के युवाओं को उद्योग आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन और जिंदल पावर तमनार के बीच विशेष पहल की गई है। इसी पहल के तहत बुधवार को तमनार स्थित शासकीय आईटीआई भवन में जिंदल फाउंडेशन द्वारा संचालित औद्योगिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस प्रशिक्षण के माध्यम से क्षेत्र के युवाओं को विभिन्न ट्रेडों में तकनीकी कौशल प्रदान किया जाएगा, जिससे उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हो सकें।
युवाओं को कौशल विकास से मिलेगा आत्मनिर्भरता का अवसर
कार्यक्रम में एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने कहा कि युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए कौशल विकास अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्तमान समय में उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित युवाओं की मांग बढ़ रही है। ऐसे में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि तीन माह का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे। युवाओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि वे प्रशिक्षण को पूरी गंभीरता और अनुशासन के साथ पूरा करें तथा अपनी योग्यता और संभावनाओं का दायरा बढ़ाएं।
प्रशिक्षण के बाद मिलेगी टूल-किट और प्लेसमेंट में सहयोग
जिंदल पावर के एवीपी (सीएसआर) श्री ऋषिकेश राय शर्मा ने कहा कि शासन की मंशा, जिला प्रशासन के मार्गदर्शन और जिंदल पावर के सहयोग से यह पहल धरातल पर साकार हो रही है। उन्होंने बताया कि युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए ओपीजेसी पूंजीपथरा के साथ समन्वय किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण अवधि पूरी होने के बाद सभी प्रशिक्षार्थियों को आवश्यक टूल-किट और ड्रेस उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही योग्य युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए प्लेसमेंट में भी सहायता प्रदान की जाएगी।
प्रशिक्षण में शत-प्रतिशत उपस्थिति पर जोर
जिला खनिज अधिकारी श्री आर.के. सोनी ने कहा कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को कुशल बनाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए उद्योगों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल प्रमाण-पत्र देना नहीं, बल्कि युवाओं को वास्तविक कौशल प्रदान कर रोजगार योग्य बनाना है। उन्होंने प्रशिक्षार्थियों से नियमित रूप से प्रशिक्षण में उपस्थित रहने और पूरी लगन के साथ सीखने का आह्वान किया। कार्यक्रम को शासकीय आईटीआई तमनार के प्राचार्य श्री पुष्कर कुमार कंवर एवं ओपीजेयूसी के डायरेक्टर श्री जितेंद्र कुमार ने भी संबोधित किया।
प्रशिक्षार्थियों के लिए निःशुल्क बस सुविधा
जिंदल पावर के एजीएम (सीएसआर) श्री राजेश रावत ने बताया कि प्रशिक्षण में शामिल युवाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कंपनी द्वारा निःशुल्क बस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि प्रशिक्षार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही आईटीआई के अधोसंरचना विकास के लिए भी आवश्यक कार्य किए जा रहे हैं।
पहले चरण में इलेक्ट्रीशियन ट्रेड का प्रशिक्षण
इस प्रशिक्षण केंद्र में प्रथम चरण में युवाओं को इलेक्ट्रीशियन ट्रेड का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावा फिटर और वेल्डर ट्रेड के लिए भी सर्वे किया जा रहा है, ताकि क्षेत्र की आवश्यकता के अनुसार अधिक से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण का लाभ मिल सके।
स्थानीय युवाओं को मिलेगा सीधा लाभ
इस पहल का मुख्य उद्देश्य तमनार क्षेत्र के खदान एवं औद्योगिक परियोजनाओं से प्रभावित गांवों के युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है। इससे स्थानीय युवा उद्योगों की जरूरत के अनुरूप दक्षता हासिल कर सकेंगे और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ेंगे।

