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महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पोषण पखवाड़ा का आयोजन

Bychattisgarhmint.com

Apr 13, 2026


23 अप्रैल तक चलेंगी विविध गतिविधियां, मातृ एवं शिशु पोषण पर विशेष फोकस

रायगढ़, 13 अप्रैल 2026/ शासन के निर्देशानुसार महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिले में 9 से 23 अप्रैल 2026 तक पोषण पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मातृत्व एवं शिशु पोषण को सुदृढ़ बनाना तथा समुदाय को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है।
          महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत शून्य से 3 वर्ष तक के बच्चों के समुचित विकास के लिए प्रारंभिक उत्प्रेरण गतिविधियों पर जोर दिया जा रहा है, वहीं 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए खेल आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके साथ ही स्क्रीन टाइम कम करने तथा बच्चों के समग्र विकास में पालकों एवं समुदाय की भूमिका को सशक्त बनाने हेतु विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। पखवाड़ा के दौरान जिला, विकासखंड, नगरीय निकाय, ग्राम पंचायत एवं आंगनबाड़ी स्तर पर प्रतिदिन निर्धारित कैलेंडर के अनुसार विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इन गतिविधियों की प्रविष्टि जन आंदोलन डैशबोर्ड पोर्टल पर भी की जा रही है।
            पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत गर्भवती माताओं के लिए परामर्श सत्र, संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व पर चर्चा, पौष्टिक व्यंजन प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता, स्तनपान संबंधी जागरूकता कार्यक्रम तथा जंक फूड के दुष्प्रभावों पर संवाद आयोजित किए जा रहे हैं। साथ ही आयरन-फोलिक एसिड सेवन, गर्भावस्था में देखभाल एवं पोषण संबंधी विषयों पर भी जानकारी दी जा रही है। “दादी-नानी की जुबानी पोषण कहानी”, पोषण रैली, सुपोषण चौपाल, सामूहिक अन्नप्राशन कार्यक्रम, ग्राम स्तरीय खेलकूद मेला एवं बच्चों द्वारा तैयार शिक्षण सामग्री का प्रदर्शन जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों में लर्निंग कॉर्नर की जानकारी दी जा रही है तथा बच्चों के लिए खेल आधारित गतिविधियों का प्रदर्शन किया जा रहा है।
समुदाय की भागीदारी पर विशेष जोर
पोषण पखवाड़ा के दौरान “दादा-दादी, नानी दिवस” का आयोजन कर परिवार को बच्चों के साथ फैमिली प्ले टाइम बिताने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पालक सत्रों में स्क्रीन टाइम के दुष्प्रभावों एवं खेल आधारित शिक्षा के महत्व पर विस्तार से चर्चा की जा रही है। इसके अलावा, आंगनबाड़ी केंद्रों में आधार पंजीयन शिविर, ग्राम सभाओं में पोषण एवं प्रारंभिक शिक्षा पर चर्चा, तथा जनप्रतिनिधियों एवं समाज के गणमान्य नागरिकों के साथ बैठक कर आंगनबाड़ी सेवाओं की जानकारी साझा की जा रही है।
घर-घर पहुंचकर दी जा रही सेवाएं
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं मितानिनों द्वारा गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं एवं कुपोषित बच्चों के घर-घर जाकर विशेष देखभाल एवं परामर्श प्रदान किया जा रहा है। 6 माह से अधिक आयु के बच्चों को ऊपरी आहार के संबंध में भी जागरूक किया जा रहा है। पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों एवं हितग्राहियों के घरों में पोषण वाटिका विकसित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसमें मुनगा, पपीता एवं मौसमी सब्जियों जैसे पौष्टिक फलदार एवं सब्जी पौधों का रोपण किया जा रहा है। पखवाड़ा के दौरान सक्रिय भागीदारी निभाने वाले समुदाय के सदस्यों एवं बच्चों को सम्मानित किया जाएगा तथा समापन अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा। इस प्रकार, पोषण पखवाड़ा के माध्यम से जिले में जन-जन तक पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता का व्यापक प्रसार किया जा रहा है।

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