संदिग्ध कोचियों एवं बिचौलियों पर कड़ी निगरानी और नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश
धान खरीदी कार्य को पूरी संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ पूरा करने दिए गए दिशा निर्देश
रायगढ़, 03 जनवरी 2025/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य अपने अंतिम चरण में है। ऐसे में धान खरीदी से जुड़े सभी अधिकारी-कर्मचारी पूरी ऊर्जा, जिम्मेदारी और समन्वय के साथ कार्य करते हुए शासन की इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराएं। कलेक्टर आज जिला कलेक्ट्रेट स्थित सृजन कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में धान खरीदी कार्य की विस्तृत समीक्षा कर रहे थे। बैठक में समितिवार अब तक की कुल धान खरीदी, बारदाना की उपलब्धता, पीडीएस बारदाना का उपयोग, टोकन की स्थिति, धान विक्रय कर चुके किसानों की संख्या, मिलर्स के माध्यम से धान उठाव, भौतिक सत्यापन, रकबा समर्पण तथा संदिग्ध कोचियों एवं बिचौलियों पर की जा रही कार्रवाई जैसे बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने कहा कि कुछ स्थानों पर अनावरी के आधार पर धान खरीदी को लेकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है, जबकि शासन के निर्देशानुसार धान खरीदी पूर्णतः भौतिक सत्यापन के आधार पर की जा रही है। उन्होंने सभी एसडीएम एवं राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक उपार्जन केंद्र में किसानों से केवल भौतिक सत्यापन के पश्चात ही धान खरीदी सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी वास्तविक किसान को अपनी उपज विक्रय करने में असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में उपार्जन केंद्रों में किसानों की संख्या एवं धान की आवक बढ़ेगी। ऐसे में पात्र किसानों के साथ पूरी संवेदनशीलता बरतते हुए धान खरीदी की जाए, वहीं अवैध रूप से धान खपाने के प्रयासों को पूरी सख्ती से रोका जाए। संदिग्ध कोचियों एवं बिचौलियों पर सतत निगरानी रखते हुए नियमों के तहत आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने 5 एकड़ वाले किसानों एवं 7 जनवरी के बाद धान विक्रय हेतु जारी टोकनों का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन करने के निर्देश देते हुए कहा कि बेहतर सत्यापन से ही धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपार्जन केंद्रों में केवल मानक गुणवत्ता का धान ही खरीदा जाए और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों को उपार्जन केंद्रों की माइक्रो-लेवल मॉनिटरिंग करने, सत्यापित टोकन के आधार पर ही धान खरीदी करने तथा 31 जनवरी तक आने वाले धान का औसत निकालते हुए प्रतिदिन की खरीदी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही भविष्य में धान विक्रय न करने वाले कृषकों के रकबा समर्पण की कार्रवाई भी समयबद्ध रूप से करने को कहा गया।
कलेक्टर ने समिति प्रबंधकों को पीडीएस बारदाना के अनिवार्य उपयोग के निर्देश देते हुए डीएमओ को 7 जनवरी तक सभी समितियों में इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपार्जन केंद्रों में जाम की स्थिति से बचने के लिए धान की पर्याप्त और सुव्यवस्थित स्टैकिंग पहले से सुनिश्चित की जाए। धान उठाव कार्य की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने दूरस्थ उपार्जन केंद्रों एवं बफर लिमिट पार कर चुके केंद्रों से प्राथमिकता के आधार पर धान उठाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मिलर्स को उनकी क्षमता के अनुरूप धान उठाने तथा अधिक उठाव के लिए आवश्यक बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए गए। साथ ही भौतिक सत्यापन एवं उपार्जन केंद्रों में कृषि विभाग के आरआईओ की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, सभी अनुविभागों के एसडीएम, जिला खाद्य अधिकारी, डीएमओ, उप आयुक्त सहकारिता, नोडल अधिकारी, समिति प्रबंधक, राजस्व अधिकारी एवं धान खरीदी से जुड़े विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

