जिले में 26 नवीन पी.डी.एस. भवनों के लिए 3.58 करोड़ रुपए से अधिक की प्रशासकीय स्वीकृति जारी
ग्रामीण क्षेत्रों में भंडारण एवं आपूर्ति व्यवस्था होगी और अधिक सुदृढ़
रायगढ़, 13 जून 2026/ ग्रामीण अंचलों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक मजबूत बनाने जिला खनिज संस्थान न्यास अंतर्गत जिले के छह विकासखंडों में 26 नवीन सार्वजनिक वितरण प्रणाली भवनों के निर्माण हेतु 3 करोड़ 58 लाख 84 हजार रूपए से अधिक की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। यह स्वीकृति डी.एम.एफ. शासी परिषद की आयोजित बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुपालन में प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा ग्रामीण विकास एवं बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को लगातार प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी के मार्गदर्शन में लैलूंगा, खरसिया, धरमजयगढ़, घरघोड़ा, रायगढ़ एवं तमनार विकासखंडों की ग्राम पंचायतों में यह निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत “कृषि उत्पादों के संग्रहण, भंडारण एवं प्रसंस्करण इकाई के प्रोत्साहन” सेक्टर में स्वीकृत इन कार्यों के तहत लैलूंगा विकासखंड की 5 ग्राम पंचायतों (तोलगे, गहनाझरिया, जतरा, झगरपुर एवं लमडांड) में पी.डी.एस. भवन/गोदाम निर्माण हेतु 74.00 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। खरसिया विकासखंड की 5 ग्राम पंचायतों (भैनापारा, चोंढा, नहरपाली, जोबी एवं मीनगाँव) हेतु 62.00 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। धरमजयगढ़ विकासखंड की 4 ग्राम पंचायतों (वैरागी, क्रिन्धा, पखनाकोट एवं तरेकेला) हेतु 50.40 लाख रुपए, घरघोड़ा विकासखंड की 4 ग्राम पंचायतों (छर्राटांगर, बड़े गुमड़ा, डेहरीडीह एवं नवागढ़) हेतु 53.24 लाख रुपए, रायगढ़ विकासखंड की 4 ग्राम पंचायतों (बंगुरसिया, कोटमार, पतरापाली एवं कुशवाबहरी) हेतु 59.20 लाख रुपए तथा तमनार विकासखंड की 4 ग्राम पंचायतों (नुनदरहा, डोलेसरा, बिजना एवं जांजगीर) हेतु 59.20 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
इन सभी निर्माण कार्यों के क्रियान्वयन हेतु संबंधित जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को कार्य एजेंसी नियुक्त किया गया है। कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। स्वीकृत राशि का उपयोग केवल निर्धारित कार्यों के लिए ही किया जाएगा तथा भंडार क्रय नियम 2002 का कड़ाई से पालन अनिवार्य होगा। प्रत्येक निर्माण स्थल पर योजना का नाम, स्वीकृत राशि, डी.एम.एफ. लोगो तथा कार्य प्रारंभ एवं पूर्णता तिथि सहित स्थायी सूचना फलक लगाना अनिवार्य किया गया है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। गुणवत्ता में किसी भी स्तर पर कमी पाए जाने पर सुधार कार्य का संपूर्ण व्यय संबंधित कार्य एजेंसी द्वारा वहन किया जाएगा। साथ ही प्रत्येक कार्य की प्रगति एवं व्यय का मासिक प्रतिवेदन प्रत्येक माह की 5 तारीख तक जिला खनिज संस्थान न्यास, रायगढ़ को प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। इन 26 नवीन पी.डी.एस. भवनों के निर्माण से जिले की सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूती मिलेगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में भंडारण एवं आपूर्ति व्यवस्था अधिक प्रभावी एवं सुव्यवस्थित होगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा।

