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जिले में मलेरिया के मामलों में आई उल्लेखनीय कमी

मलेरिया रोकथाम के लिए साफसफाई पर विशेष जोर

विश्व मलेरिया दिवस पर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन

रायगढ़, 25 अप्रैल 2026/ शासन के निर्देशानुसार हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी आज 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस जिले में उत्साहपूर्वक मनाया गया। कलेक्टर के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत के मार्गदर्शन में जिला स्तर पर विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसके साथ ही जिले के सभी विकासखण्डों में भी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से मलेरिया से बचाव और रोकथाम के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया।
कार्यक्रम में जिला मलेरिया अधिकारी डॉ.टी.जी. कुलवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिले में लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। पिछले कुछ वर्षों में मलेरिया के मामलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में जहां जिले में 1055 मलेरिया प्रकरण सामने आए थे, वहीं 2019 में यह संख्या घटकर 824 और 2020 में 363 रह गई। निरंतर प्रयासों के चलते वर्ष 2025 में यह आंकड़ा घटकर मात्र 68 रह गया है, जो कि एक बड़ी उपलब्धि है। हालांकि जिले के 7 विकासखण्डों में से 4 अति संवेदनशील क्षेत्रों पर अभी भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बनी हुई है। डॉ.कुलवेदी ने बताया कि इस वर्ष शासन द्वारा निर्धारित थीम के अनुरूप मलेरिया नियंत्रण को लेकर विशेष रूप से प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। मोबाइल और व्हाट्सएप जैसे डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में लोगों तक जरूरी संदेश पहुंचाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मलेरिया एक रोकथाम योग्य बीमारी है, जिसके प्रति जागरूक रहकर इसे पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है।
कार्यशाला में मलेरिया से बचाव के लिए कई महत्वपूर्ण उपाय बताए गए। नागरिकों से अपील की गई कि वे अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखें, पानी जमा न होने दें, सोते समय कीटनाशक दवा से उपचारित मच्छरदानी का उपयोग करें और पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। इसके अलावा पानी के बर्तनों को ढंककर रखने और घर के आसपास अनुपयोगी वस्तुओं को हटाने पर भी जोर दिया गया। बुखार आने पर इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच कराएं। मलेरिया की पुष्टि होने पर चिकित्सक द्वारा दी गई दवाओं का पूरा कोर्स लेना अत्यंत आवश्यक है। सुश्री रंजना पैंकरा ने बताया कि शासन की गाइडलाइन के अनुसार जिले के सभी विकासखण्डों में मलेरिया नियंत्रण गतिविधियों को सुदृढ़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता और निरंतर प्रयासों से बहुत जल्द रायगढ़ जिले को मलेरिया मुक्त घोषित किया जा सकेगा। साथ ही राज्य स्तर पर भी छत्तीसगढ़ को मलेरिया मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कार्यशाला में मलेरिया शाखा के प्रभारी मलेरिया सलाहकार गौतम प्रसाद सिदार, एफएलए प्रीति शर्मा, अंजु पटनायक सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सभी ने मलेरिया उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया।

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