सादगी से मनाई गई मिनीमाता जी की जयंती
जिला स्तरीय नारी सशक्तिकरण एवं पत्रकार सम्मान समारोह सम्पन्न
सारंगढ़ – बिलाईगढ़, 15 मार्च 2026/ विधानसभा बिलाईगढ़ के ऐतिहासिक गांव परसाडीह में अविभाजित मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद ममतामयी मिनीमाता जी की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले में विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे लोगों का विविध विधा में सम्मान किया गया। सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिला का परसाडीह ऐतिहासिक गांव है, पूरे जिले के एकमात्र मिनीमाता की प्रतिमा यहां स्थापित किया गया, जहां प्रथम बार जिला स्तरीय नारी सशक्तिकरण एवं पत्रकार सम्मान समारोह कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि सारंगढ़ जनपद सदस्य हिरा भैरव नाथ जाटवर उनके साथ सामाजिक कार्यकर्ता हिरा देवी निराला, साहित्यकार डॉ गौतम पटेल और डॉ. पुष्पा बरिहा ने ममतामयी मिनीमाता के प्रतिमा पर पुष्प मालार्पण कर उन्हें नमन किया, वहीं सम्मान समारोह आयोजक परिवार सुघर गांव के संपादक श्रवण कुमार घृतलहरे ने कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों का स्वागत अभिनंदन किया।
कार्यकम में प्रमुख रूप से संत रामदास लहरे कनकपुर, संत देवदास टंडन, सामाजिक कार्यकर्ता जनपद सदस्य प्रतिनिधि भैरव नाथ जाटवर, पितर लहरे, प्रांजल निराला, सरोजा लहरे, करुणा मरावी, तिजेंद्र कुमार लहरे , शंभू राव, बिलाईगढ़ क्षेत्र के पत्रकार डॉ दरसराम टंडन, राजकुमार जांगड़े, रूपेश श्रीवास, सुंदर लाल घृतलहरे सलाहकार संपादक सुघर गांव, साहित्यकार, पत्रकार लक्ष्मीनारायण लहरे आयोजक परिवार तथा सतनाम सत्संग समिति के पदाधिकारी गण श्याम लाल टंडन,नीलकुमार मतवाले, इच्छा प्रसाद टंडन,भीख राम खूंटे, महेंद्र जायसवाल, शंकर लहरे, सुनील कुमार, नरेंद्र कुमार कुर्रे सहित, कवि शशि भूषण स्नेही, लोकनाथ टांडे, नारी सशक्तिकरण के रूप में महिला स्व सहायता समूह की महिलाएं, जनप्रतिनिधि गण अधिक संख्या में विशेष रूप से मौजूद रहे।
*ऐतिहासिक गांव है परसाडीह*
वही भारत के सर्वोच्च सदन लोकसभा में अंतरिम संसद रहे बाबा साहेब डॉ.भीमराव अंबेडकर के समकालीन भारतीय संविधान निर्माण कमेटी में सदस्य रहे रेशम लाल जांगड़े वही उनके छोटे भाई डॉ.भूषण लाल जांगड़े राज्यसभा सदस्य रहे यही नहीं उनके बड़े भाई मूलचंद जांगड़े 03 बार विधायक रहे जिनको सतनामी समाज के पत्रकारिता के पितामह के रूप में जानते हैं, रेशमलाल जांगड़े स्वतंत्रता सेनानी समाज के वरिष्ठ अधिवक्ता वक्त समाज सुधारक भी रहे। यह गांव ऐतिहासिक गांव है।

