सुशासन की नीति के अनुरूप उत्खनन प्रभावित क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार
रायगढ़, 8 जनवरी 2026/
छत्तीसगढ़ शासन की सुशासन नीति के तहत उत्खनन प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी एवं मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। राज्य शासन द्वारा जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) की नीति से योजनाबद्ध एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी क्रम में रायगढ़ जिले के विकासखंड तमनार अंतर्गत ग्राम पंचायत केशरचुवा में डीएमएफ मद से 8 लाख रुपये की लागत से पुलिया निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है।
यह पुलिया ग्राम पंचायत केशरचुवा से टांगरघाट मार्ग पर नाले के ऊपर निर्मित की गई है, जहां पूर्व में पुलिया नहीं होने के कारण विशेषकर वर्षा ऋतु में मार्ग अवरुद्ध हो जाता था। बरसात के दिनों में पानी भर जाने से ग्रामीणों का आवागमन लगभग ठप हो जाता था और लोगों को वैकल्पिक एवं जोखिमपूर्ण मार्गों से आवागमन करना पड़ता था।
बरसात में आवागमन की समस्या से मिली स्थायी राहत
विकासखंड तमनार मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत केशरचुवा की कुल जनसंख्या करीब 2119 है, जिसमें 1068 महिलाएं एवं 1051 पुरुष शामिल हैं। पुलिया के अभाव में वर्षों से स्कूली बच्चों, बीमार व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं, किसानों तथा दैनिक मजदूरी एवं व्यापार से जुड़े लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। बरसात के समय नाले में तेज बहाव के कारण कई बार घंटों तक रास्ता बंद रहता था।
अब पुलिया निर्माण कार्य पूर्ण होने से ग्रामीणों को वर्षभर निर्बाध एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध हो गई है। इससे न केवल समय और श्रम की बचत हो रही है, बल्कि ग्रामीणों की दैनिक गतिविधियां भी सुचारु रूप से संचालित हो पा रही हैं।
शिक्षा, स्वास्थ्य और बाजार तक पहुंच हुई आसान, ग्रामीणों ने जताया आभार
पुलिया के निर्माण से अब गांव के लोगों को विद्यालय, स्वास्थ्य केन्द्र, अस्पताल, बाजार एवं अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में विशेष सुविधा मिली है। किसानों को अपनी उपज बाजार तक ले जाने में सहूलियत हुई है, वहीं विद्यार्थियों की नियमित स्कूल उपस्थिति भी सुनिश्चित हो रही है।
ग्रामीणों ने इस महत्वपूर्ण पुलिया निर्माण कार्य के लिए शासन एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि डीएमएफ मद से किए जा रहे आधारभूत विकास कार्यों से गांवों की संरचना मजबूत हो रही है और आमजन के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। ग्रामीणों ने भविष्य में भी इसी प्रकार जनहित से जुड़े विकास कार्यों को प्राथमिकता दिए जाने की अपेक्षा व्यक्त की है।
