खनन प्रभावित वनांचल में अधोसंरचना मजबूत होने से जीवन स्तर में आएगा व्यापक बदलाव
डीएमएफ से बुनियादी सुविधाओं का विस्तार, वनांचल को मुख्यधारा से जोड़ने की पहल
रायगढ़, 5 जनवरी 2026/ खनन प्रभावित तमनार विकासखंड में जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से स्वीकृत विकास कार्यों के पूर्ण होने के बाद क्षेत्र की तस्वीर पूरी तरह बदलने जा रही है। शासन एवं जिला प्रशासन द्वारा शिक्षा, सड़क, विद्युत एवं अन्य अधोसंरचनात्मक सुविधाओं के विस्तार के लिए ग्राम-ग्राम में योजनाबद्ध ढंग से कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनका सीधा लाभ प्रत्यक्ष खनन प्रभावित वनांचल क्षेत्रों के नागरिकों को मिलेगा।
डीएमएफ मद से ग्राम अमलीढ़ोढ़ा में पीएमजीएसवाय सड़क से समकेरा गौरबहरी तक सड़क निर्माण कार्य के लिए 182.26 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस सड़क के निर्माण से अमलीढ़ोढ़ा सहित आसपास के गांवों को सालभर सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी। इससे ग्रामीणों का संपर्क बाजार, स्वास्थ्य केंद्र, शैक्षणिक संस्थानों एवं प्रशासनिक कार्यालयों से बेहतर होगा, वहीं कृषि उत्पादों के परिवहन और स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
शिक्षा अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत बड़गांव एवं कचकोबा के हाई स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्य के लिए प्रत्येक स्थान पर 35.18 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है। वर्तमान में ग्राम पंचायत कचकोबा के हाई स्कूल में अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्य प्रगति पर है। इन अतिरिक्त कक्षों के निर्माण से छात्रों को पर्याप्त अध्ययन कक्ष उपलब्ध होंगे और शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन में सहूलियत मिलेगी। इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायत जिवरी एवं सामारूमा में हाई स्कूल भवन निर्माण, ग्राम पंचायत महलोई में शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भवन निर्माण तथा ग्राम पंचायत दक्षिण रेगांव में हाई स्कूल भवन निर्माण कार्यों के लिए कुल 3 करोड़ 92 हजार रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। इन नए विद्यालय भवनों के निर्माण से वनांचल एवं खनन प्रभावित क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को सुरक्षित, सुविधायुक्त और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण मिलेगा, जिससे विद्यालयों में नामांकन बढ़ेगा और ड्रॉपआउट दर में कमी आएगी।
वहीं ग्राम पंचायत सराईपाली में वनधन केंद्र भवन मरम्मत एवं ट्रांसफार्मर स्थापना कार्य के लिए 7.03 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इस कार्य के पूर्ण होने से वनधन केंद्र की कार्यक्षमता बढ़ेगी तथा स्थानीय स्तर पर वन आधारित आजीविका गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। बेहतर विद्युत सुविधा से स्व-सहायता समूहों, महिला समूहों एवं ग्रामीण उद्यमों को भी लाभ प्राप्त होगा।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप एवं कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में खनन प्रभावित तमनार विकासखंड के समग्र विकास के लिए डीएमएफ मद का प्रभावी और पारदर्शी उपयोग किया जा रहा है। कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने कहा कि शासन के निर्देश के अनुरूप खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास में संसाधनों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी तथा आवश्यकता के अनुरूप शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, विद्युत, पेयजल सहित अन्य जनहितकारी कार्यों को प्राथमिकता के साथ स्वीकृति प्रदान की जाएगी। स्वीकृत कार्यों के पूर्ण होने के पश्चात तमनार विकासखंड के प्रत्यक्ष खनन प्रभावित एवं वनांचल क्षेत्रों में अधोसंरचना सुदृढ़ होगी, आवागमन आसान होगा, शिक्षा की पहुंच बढ़ेगी और आजीविका के नए अवसरों का सृजन भी होंगे।
शासन की नीति से वनांचल में आएगा बड़ा बदलाव, गांव तक पहुंचेगा सड़क, शिक्षा व विद्युत विकास का लाभ

