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अखिल भारतीय समन्वित मसाला अनुसंधान परियोजना के तहत किसानों को दिया गया प्रशिक्षण

अनुसूचित जाति उप योजना के अंतर्गत 30 कृषक हुए लाभान्वित
उत्तम दर्जे का छत्तीसगढ़ हल्दी बीज का किया गया वितरण 
रायगढ़, 26 मार्च 2025/ अखिल भारतीय समन्वित मसाला अनुसंधान परियोजना में एससीएसपी योजना के तहत किसानों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें लैलूँगा, तमनार एवं खरसिया विकासखण्ड के 30 कृषक लाभान्वित हुए। कृषकों को बीजीय मसाला फसलों में हल्दी को लगाने की उत्तम तकनीक, उनके रोग, उपचार और कम लागत में अधिक उत्पादन करने हेतु प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही उनको 1500 किलो उत्तम दर्जे का छत्तीसगढ़ हल्दी-2 एवं छत्तीसगढ़ हल्दी-3 बीज का बीज वितरण किया गया। वितरण कार्यक्रम के दौरान कीटनाशकों के उपयोग एवं सॉवधानियों के विषयों पर भी किसानों के साथ चर्चा किया गया।
          कार्यशाला में कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र के अधिष्ठाता एवं अखिल भारतीय मसाला अनुसंधान परियोजना के प्रमुख अन्वेषक डॉक्टर ए.के.सिंह के द्वारा हल्दी में आने वाले प्रमुख रोगों एवं उनको दूर करने के उपाय के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया। उन्होंने हल्दी के कुशल उत्पादन के लिए रोगों से बचने के लिए पूर्व नियोजित तरीके के बारे में भी कृषकों को अवगत कराया। कार्यक्रम में कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र के अनुवांशिकी एवं पादप प्रजनन के वैज्ञानिक डॉक्टर श्रीकांत सावरगांवकर ने कृषकों को संबोधित करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ हल्दी-2 एवं छत्तीसगढ़ हल्दी-3 बीज के उत्पादन में किस प्रकार बढ़ोतरी करके उनसे ज्यादा से ज्यादा लाभ अर्जित किया जा सकता है। उन्होंने कृषकों को बताया कि अगर सही तरीके से तकनीकी रूप से उत्पादन पर ध्यान दिया जाए तो कम लागत में ज़्यादा उत्पादन लिया जा सकता है। एक दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान डॉ.संदीप कुमार पैकरा, महेंद्र साहू एवं महाविद्यालय के सभी अधिकारी एवं कर्मचारीगण के उपस्थिति में कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।

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