मानसून अवधि में त्वरित सूचना संप्रेषण एवं राहत–बचाव कार्यों के समन्वय के लिए ड्यूटी आदेश जारी
रायगढ़, 2 जून 2026/ आगामी मानसून सत्र को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन रायगढ़ द्वारा संभावित बाढ़, अतिवृष्टि एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष को चौबीसों घंटे संचालित रखने की व्यवस्था की गई है। संयुक्त कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार कलेक्टर कार्यालय रायगढ़ स्थित बाढ़ नियंत्रण कक्ष क्रमांक-42 में दूरभाष क्रमांक 07762-223750 पर प्राप्त होने वाली सूचनाओं के संकलन, संप्रेषण एवं आवश्यक समन्वय कार्यों के लिए नगर सैनिकों की ड्यूटी लगाई गई है।
जारी आदेश के अनुसार प्रत्येक माह की 1 से 15 तारीख तक प्रथम पाली (प्रातः 8 बजे से रात्रि 8 बजे तक) में नगर सैनिक क्रमांक-145 श्री तिलक साय (मोबाइल-62657-34216) एवं नगर सैनिक क्रमांक-89 श्री रामलाल सिदार (मोबाइल-62616-92421) की ड्यूटी निर्धारित की गई है। इसी प्रकार द्वितीय पाली (रात्रि 8 बजे से प्रातः 8 बजे तक) में नगर सैनिक क्रमांक-259 श्री सुकलाल सिदार (मोबाइल-62600-22066) तथा नगर सैनिक क्रमांक-25 श्री केशव प्रसाद (मोबाइल-62687-92334) अपनी सेवाएं देंगे।
इसी तरह प्रत्येक माह की 16 तारीख से माह के अंतिम दिवस तक प्रथम पाली (प्रातः 8 बजे से रात्रि 8 बजे तक) में नगर सैनिक क्रमांक-259 श्री सुकलाल सिदार (मोबाइल-62600-22066) एवं नगर सैनिक क्रमांक-25 श्री केशव प्रसाद (मोबाइल-62687-92334) की ड्यूटी निर्धारित की गई है। वहीं द्वितीय पाली (रात्रि 8 बजे से प्रातः 8 बजे तक) में नगर सैनिक क्रमांक-145 श्री तिलक साय (मोबाइल-62657-34216) तथा नगर सैनिक क्रमांक-89 श्री रामलाल सिदार (मोबाइल-62616-92421) दायित्वों का निर्वहन करेंगे।
जिला प्रशासन ने बताया कि मानसून अवधि के दौरान बाढ़, जलभराव अथवा अन्य प्राकृतिक आपदाओं से संबंधित सूचनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने, राहत एवं बचाव कार्यों के प्रभावी संचालन तथा विभिन्न विभागों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से यह व्यवस्था की गई है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के माध्यम से प्राप्त होने वाली सूचनाओं पर तत्काल आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी आपदा अथवा आपात स्थिति की सूचना तत्काल बाढ़ नियंत्रण कक्ष के दूरभाष क्रमांक 07762-223750 पर दें, ताकि समय पर आवश्यक सहायता एवं राहत उपलब्ध कराई जा सके।
