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खरीफ 2026 के लिए लागू हुई कृषक उन्नति योजना

Bychattisgarhmint.com

Jun 25, 2026

धान के बदले अन्य फसल लेने पर मिलेंगे 15 हजार रुपए प्रति एकड़

रायगढ़, 25 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने कृषक उन्नति योजना के क्रियान्वयन के लिए नवीन दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह योजना खरीफ वर्ष 2026 से पूरे प्रदेश में लागू हो गई है। योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को कृषि लागत में राहत देना और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना है।
उप संचालक कृषि श्री अनिल वर्मा ने बताया कि योजना के तहत इस बार विशेष प्रावधान किया गया है। जो किसान पिछले खरीफ सीजन में धान की खेती करते थे और इस वर्ष धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसलों का चयन करेंगे, उन्हें 15 हजार रुपए प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इससे किसानों को दलहन, तिलहन और अन्य नकदी फसलों की ओर प्रोत्साहन मिलेगा तथा खेती अधिक लाभकारी बन सकेगी। इसके अलावा, जो किसान पहले से ही खरीफ मौसम में दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास जैसी फसलें ले रहे हैं और इसके लिए पंजीकरण कराते हैं, उन्हें पूर्व की भांति 10 हजार रुपए प्रति एकड़ की सहायता राशि मिलती रहेगी।

पंजीयन और डिजिटल सत्यापन होगा अनिवार्य

योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिनका पंजीकरण एकीकृत किसान पोर्टल और एग्रीस्टेक प्लेटफॉर्म पर होगा। पात्र किसानों को सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से प्रदान की जाएगी। किसानों के रकबे की पुष्टि डिजिटल क्रॉप सर्वे के आंकड़ों के आधार पर की जाएगी। जिन क्षेत्रों में डिजिटल क्रॉप सर्वे का डेटा उपलब्ध नहीं होगा, वहां जिला कलेक्टर की अनुमति से गिरदावरी के आंकड़ों को मान्य किया जाएगा।

किसानों की आय बढ़ाने और फसल विविधीकरण की दिशा में बड़ा कदम

राज्य सरकार का मानना है कि कृषक उन्नति योजना से किसानों को पारंपरिक धान की खेती के साथ अन्य लाभकारी फसलों की ओर बढ़ने का अवसर मिलेगा। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी, कृषि लागत कम होगी और प्रदेश में फसल विविधीकरण को नई गति मिलेगी। कृषि विभाग ने किसानों से योजना का लाभ लेने के लिए समय पर पंजीयन कराने तथा अधिक जानकारी के लिए अपने क्षेत्र के कृषि अधिकारियों से संपर्क करने की अपील की है।

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