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रबी मौसम में 1800 किसान 1200 एकड़ में नहीं लेंगे धान का फसल

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Jan 21, 2026

कृषि अधिकारियों की समझाइश ने लाया रंग

सारंगढ़ बिलाईगढ़, 21 जनवरी 2026/ कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे के निर्देश पर कृषि उप संचालक आशुतोष श्रीवास्तव और अधीनस्थ मैदानी अधिकारी कर्मचारी ने जिले के तीनों ब्लाकों के किसानों को ग्रीष्मकालीन धान के बदले अन्य फसलों को लगाने के लिए प्रेरित किया, जिससे प्रेरित होकर लगभग 1800 किसानों ने 1200 एकड़ में गेहूं, मक्का, चना, मटर, मूंग, उड़द, मसूर सरसों, मूंगफली सूरजमुखी, तिवरा, सब्जी भाजी, पाम तेल व अन्य लघु धान्य फसल की है। 

जिले में बढ़ती जल समस्या को दृष्टिगत रखते हुए कृषकों ने इस वर्ष फसल विविधीकरण एवं फसल चक्र के वैज्ञानिक सिद्धांतों को अपनाते हुए सराहनीय पहल की है। कृषकों ने ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती को प्राथमिकता दी है । यह नवाचार कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे के मार्गदर्शन एवं कृषि विभाग के सतत समन्वय से सफलतापूर्वक क्रियान्वित हो सका है।

किसानों में उत्साह

कृषि उपसंचालक श्रीवास्तव ने कहा कि शासन ने कृषकों को उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराए हैं। तकनीकी मार्गदर्शन, फसल बीमा का प्रावधान एवं उत्पाद के विपणन की समुचित व्यवस्था की है। बीज निगम में बिक्री के लिए पंजीयन एवं सहकारी समितियों के माध्यम से फसल विक्रय की सुविधा प्रदान करने से किसानों का उत्साह बढ़ा है। गेहूं की खेती के साथ साथ कृषकों ने सरसों, चना, गेहूं, तिल, लाखड़ी एवं साग-सब्जियों की खेती अपनाई है। इसके अतिरिक्त जो किसान पूर्व में अपने खेतों को खाली छोड़ देते थे उन्होंने भी इस वर्ष दलहन एवं तिलहन फसलों के अंतर्गत क्षेत्र विस्तार कर उत्पादन में सहभागिता निभाई है।

*बीज अंकुरण संतोषजनक*

जिले के प्रगतिशील किसानों ने बताया कि शासन से मिले बीजों का अंकुरण संतोषजनक है। फसलों से अच्छे उत्पादन की पूर्ण आशा है। फसल बीमा की सुरक्षा एवं सुनिश्चित आर्थिक स्थिरता एवं आत्मविश्वास प्राप्त हुआ है। बरमकेला विकासखंड के 975 किसानों के द्वारा लगभग 502 एकड़ खेत में धान की बजाय अन्य दलहन फसल की खेती की है।

जल संरक्षण के साथ आय में भी सहायक

जिले के सारंगढ़ विकासखंड , बरमकेला विकासखंड और बिलाईगढ़ विकासखंड के कृषकों का मानना है कि यह पहल जल संरक्षण के साथ आय संवर्धन की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम होगा। उन्होंने आने वाले वर्षों में भी इन्हीं फसलों को अपनाकर सतत एवं टिकाऊ कृषि पद्धति को आगे बढ़ाने की बात कही। 

उप संचालक कृषि आशुतोष श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि सारंगढ़ ब्लॉक में 649 किसानों के द्वारा लगभग 437 एकड़ जमीन में दूसरी फसल धान के बदले गेहूं , मक्का, चना, मटर , मूंग की खेती किए हैं, वही बरमकेला विकासखंड में 501 एकड़ से अधिक जमीन में 975 किसानों के द्वारा लघु धान्य की खेती की है। बिलाईगढ़ ब्लॉक में लगभग 196 किसानों के द्वारा गेहूं, मक्का चना, मटर मूंग उड़द आदि फसलों की खेती किया गया है जिससे खेतों की उर्वरा शक्ति में इजाफा होगा और आय में वृद्धि होगी।

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