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वनांचल की बेटियों को मिलेगी नई उड़ान, लैलूंगा के कुंजारा में खुलेगा एएनएम नर्सिंग महाविद्यालय

Bychattisgarhmint.com

Feb 13, 2026


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदृष्टि पर अमल, जिला प्रशासन की पहल से आदिवासी अंचल में होगी व्यावसायिक शिक्षा की ऐतिहासिक शुरुआत
120 छात्राओं को प्रति शैक्षणिक सत्र प्रवेश, शत-प्रतिशत रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था

रायगढ़, 13 फरवरी 2026/ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के आदिवासी बाहुल्य एवं सुदूर वनांचल क्षेत्र लैलूंगा विकासखंड के ग्राम-कुंजारा में शीघ्र ही एएनएम नर्सिंग महाविद्यालय की स्थापना होने जा रही है। यह पहल न केवल क्षेत्र में उच्च एवं रोजगारोन्मुखी शिक्षा के नए द्वार खोलेगी, बल्कि वर्षों से मुख्यधारा से वंचित आदिवासी, अनुसूचित जाति तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बेटियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की सशक्त नींव भी रखेगी।
         रायगढ़ जिले के लैलूंगा एवं धरमजयगढ़ जैसे दुर्गम वनांचल क्षेत्रों में निवासरत प्रतिभाशाली बेटियां अब संसाधनों और अवसरों के अभाव में अपने सपनों से समझौता करने को विवश नहीं होंगी। नर्सिंग महाविद्यालय की स्थापना से उन्हें अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
          वनांचल क्षेत्र की यह लंबे समय से बहुप्रतीक्षित मांग रही है। जब-जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इस वनांचल अंचल के प्रवास पर आए, तब-तब यहां की स्थानीय बेटियों एवं अभिभावकों ने एएनएम महाविद्यालय की स्थापना की मांग को प्रमुखता से रखा। मुख्यमंत्री ने जनभावनाओं को गंभीरता से लेते हुए वनांचल क्षेत्र में एएनएम महाविद्यालय की स्थापना के लिए जिला प्रशासन को आवश्यक निर्देश प्रदान किए थे। उन्हीं निर्देशों के अनुरूप अब इस दिशा में ठोस पहल करते हुए महाविद्यालय की स्थापना की कार्यवाही प्रारंभ की जा रही है।
          मुख्यमंत्री की मंशानुरूप रायगढ़ जिला प्रशासन द्वारा यह अभिनव पहल उत्खनन प्रभावित क्षेत्र में रोजगारपरक एवं व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की जा रही है। राज्य शासन के रोजगार उन्मुख अभियान के अंतर्गत प्रस्तावित इस एएनएम नर्सिंग महाविद्यालय का संचालन देश की प्रतिष्ठित संस्था पैनआईआईटी एलुमनी फाउंडेशन द्वारा किया जाएगा, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी।
        महाविद्यालय की शुरुआत प्रथम वर्ष में 120 सीटों के साथ की जाएगी। शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने से पूर्व उपलब्ध शासकीय भवन का महाविद्यालयीन मानकों के अनुरूप जीर्णोद्धार एवं आवश्यक संधारण कार्य जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) से कराया जाएगा। इससे अल्प समय में ही संचालन के लिए आवश्यक अधोसंरचना तैयार हो सकेगी।
पैनआईआईटी एलुमनी फाउंडेशन द्वारा संचालित इस नर्सिंग महाविद्यालय में उच्च गुणवत्ता की शिक्षण सामग्री, आधुनिक प्रयोगशालाएं, समृद्ध पुस्तकालय एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। छात्राओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप व्यावहारिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण पर विशेष बल दिया जाएगा, ताकि वे राष्ट्रीय स्तर के चिकित्सा संस्थानों में कार्य करने के लिए पूर्णतः सक्षम बन सकें।
एएनएम नर्सिंग महाविद्यालय में प्रवेश के लिए विशेष चयन प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसमें आदिवासी क्षेत्रों में निवासरत गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाली 12वीं उत्तीर्ण प्रतिभाशाली बेटियों को प्राथमिकता दी जाएगी। चयनित छात्राओं को संपूर्ण अध्ययन अवधि के दौरान शिक्षा, पुस्तकें, आवास, भोजन तथा महाविद्यालय आने-जाने की समुचित व्यवस्था राज्य शासन के निर्देशानुसार जिला प्रशासन एवं कौशल ऋण के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
दो वर्षीय अध्ययन पूर्ण होने के बाद छात्राओं को नियोजन प्रक्रिया के माध्यम से शत-प्रतिशत रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। उन्हें राज्य, जिला एवं देश के प्रतिष्ठित संस्थानों एवं अस्पतालों में रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही छात्राएं भविष्य में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), चिकित्सा महाविद्यालयों एवं जिला अस्पतालों में शासकीय, संविदा अथवा अशासकीय सेवाओं में कार्य करने के लिए आवश्यक दक्षता अर्जित कर सकेंगी। राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर चयन का अवसर भी उनके लिए खुला रहेगा।

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