विश्व आर्द्रभूमि दिवस पर प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यशाला सम्पन्न
सारंगढ़ बिलाईगढ़, 2 फरवरी 2026/ कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे की अध्यक्षता में विश्व आर्द्रभूमि दिवस पर प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर ने कहा कि ऐसे आर्द्रभूमि क्षेत्र में कचरा, पॉलीथिन आदि का नियमित सफाई करते रहना चाहिए ताकि जैव विविधता बनी रहे। डॉ कन्नौजे ने सभी सदस्यों को आद्रभूमि दिवस पर शपथ दिलाया। प्रत्येक वर्ष 2 फरवरी को यह मनाया जाता है। इसका उद्देश्य आर्द्रभूमियों के संरक्षण के प्रति जागरूकता लाना है। सभी सदस्यों को पौधे का स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। इस अवसर पर वन मण्डलाधिकारी विपुल अग्रवाल सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि, विश्व आर्द्रभूमि दिवस आर्द्रभूमियों के संरक्षण के लिए सबसे महत्वपूर्ण संचार एवं राष्ट्रीय जागरूकता बढ़ाने वाला कार्यक्रम है। आर्द्रभूमि वे क्षेत्र हैं जहाँ स्थायी या अस्थायी रूप से जल उपस्थित रहता है। ये क्षेत्र जैव विविधता, जल संरक्षण एवं पर्यावरण संतुलन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यह प्राकृतिक या कृत्रिम हो सकती हैं। जलीय एवं स्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र के बीच सेतु का कार्य करती हैं। आर्द्रभूमि ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ जल पर्यावरण और संबंधित पौधों एवं पशु जीवन को नियंत्रित करने वाला प्राथमिक कारक होता है। स्थलीय एवं जलीय पारिस्थितिकी प्रणालियों के बीच संक्रमणकारी भूमि जहां जल आमतौर पर सतह पर होता है या भूमि उथले पानी से ढकी रहती है। आर्द्रभूमि से भूजल पुनर्भरण, बाढ़ नियंत्रण, जैव विविधता संरक्षण, जल शुद्धिकरण, आजीविका का साधन, पारिस्थितिक संतुलन, सतत उपयोग को बढ़ावा, अंतर्राष्ट्रीय महत्व की होती है। रामसर कन्वेंशन 1971 में ईरान के रामसर में हुआ था, यह आर्द्रभूमि के संरक्षण और उपयोग के लिए अंतर्राष्ट्रीय समझौता है। इस अवसर पर पेंटिंग प्रतियोगिता में उत्कृष्ट रचनाकार तीन बालिकाओं प्रीति साहू, कंचन आदित्य और वंदना देवांगन को सम्मानित भी किया गया।
वन विभाग द्वारा सफाई अभियान
डीएफओ विपुल अग्रवाल के आदेश पर तथा एसडीओ अमिता गुप्ता के निर्देशन में वन विभाग द्वारा प्रशिक्षण, कार्यशाला एवं सफाई अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम वन परिक्षेत्राधिकारी सिदार व बैगा की उपस्थिति में संपन्न हुआ। आयोजन के तहत सरस्वती शिशु मंदिर एवं आवासीय छात्रावास के छात्र-छात्राओं ने दैनिक बाजार मुड़ा तालाब परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया। लगभग एक ट्रैक्टर कचरा निकालें। इस दौरान विद्यार्थियों के साथ वनविभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी भी अभियान में सक्रिय रूप से शामिल रहे। अभियान का उद्देश्य वेटलैंड संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना एवं स्वच्छ पर्यावरण का संदेश देना रहा। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएफओ विपुल अग्रवाल ने छात्र छात्राओं के द्वारा किए गए स्वच्छता कार्य की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी बताया। एसडीओ अमिता गुप्ता ने कहा कि, आद्रभूमि प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनके संरक्षण से जैव विविधता सुरक्षित रहती है तथा जल संसाधनों का संरक्षण संभव होता है

