लंबित लोन प्रकरणों पर कलेक्टर ने जताई नाराजगी, शीघ्र स्वीकृत करने के दिए निर्देश
सारंगढ़–बिलाईगढ़, 14 जनवरी 2026/कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे की अध्यक्षता में जिले के समस्त बैंकों के शाखा प्रबंधकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न बैंकों में लंबित विभागीय, समूह, व्यावसायिक एवं शैक्षणिक लोन प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने बिलाईगढ़ स्थित भारतीय स्टेट बैंक में विभागीय ऋण प्रकरणों के लंबे समय से लंबित होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्हें शीघ्र लोन स्वीकृत करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार इंडियन बैंक पेंड्रावन शाखा में लंबित विभागीय ऋण प्रकरणों का भी तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने कहा कि जिले के विभिन्न एसबीआई शाखाओं में समूह ऋण (समूह लोन) के अनेक प्रकरण लंबित हैं, जिससे हितग्राहियों को अनावश्यक परेशानी हो रही है। उन्होंने सभी संबंधित बैंक प्रबंधकों को निर्देशित किया कि इन प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में यह भी सामने आया कि एसबीआई सारंगढ़ शाखा में विगत 6 माह से विभिन्न योजनाओं की स्वीकृत राशि का भुगतान नहीं किया गया है तथा बैंक ऋण प्रक्रिया लंबित है। इस पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लंबित ऋण प्रकरणों को शीघ्र स्वीकृत कर राशि का वितरण किया जाए।
कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने कहा कि जिला स्तरीय बैठक की कार्यवाही (प्रोसीडिंग) के अनुसार जिस-जिस बैंक में जो-जो ऋण प्रकरण लंबित हैं, उनका समय-सीमा में निराकरण किया जाना अनिवार्य है। उन्होंने सभी बैंक अधिकारियों को जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में जीवन ज्योति बीमा योजना से संबंधित क्लेम प्रकरणों पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जीवन ज्योति योजना का कोई भी दावा प्रकरण लंबित नहीं रहना चाहिए और सभी क्लेम का तत्काल निराकरण किया जाए।
इसके साथ ही व्यवसाय, शिक्षा एवं स्वरोजगार से संबंधित ऋणों प्रकरणों का निपटारा निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार किया जाए और कोई भी पात्र हितग्राही को विलम्ब न हो।
बैठक के दौरान कलेक्टर द्वारा नाबार्ड बैंक का बुकलेट भी जारी किया गया। उन्होंने बैंक और विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर जिले में लोन की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया। बैठक में जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक सहित जिले के सभी राष्ट्रीयकृत, ग्रामीण एवं सहकारी बैंकों के शाखा प्रबंधक एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि सरकार की विभिन्न योजनाओ में लोन लेने पर अनुदान का लाभ सीधे हितग्राहियों को मिलता है।

