जिले के सातों विकासखंडों से चयनित विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए नवाचार मॉडल
विजेता प्रतिभागियों को किया गया पुरस्कृत
रायगढ़, 7 नवम्बर 2025/ राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, छत्तीसगढ़ रायपुर के निर्देशानुसार पश्चिम भारत विज्ञान मेला का जिला स्तरीय आयोजन आज पीएमश्री नटवर स्कूल रायगढ़ में उत्साह, नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला शिक्षा अधिकारी डॉ.के.वी.राव ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर डीएमसी आलोक स्वर्णकार, जिला नोडल पश्चिम भारत विज्ञान मेला भुवनेश्वर पटेल भी उपस्थित रहे।
डीईओ डॉ.राव ने कहा कि हर बच्चा एक वैज्ञानिक है बस उसमें प्रयोग करने की भावना और जिज्ञासा जगाने की जरूरत है। उन्होंने विद्यार्थियों को विज्ञान एवं गणित विषयों को अपनाने और प्रयोगधर्मी दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रेरित किया। डीएमसी आलोक स्वर्णकार ने कहा कि विज्ञान केवल विषय नहीं, बल्कि जीवन की समझ और अनुभव का माध्यम है। हमें बच्चों में विज्ञान के प्रति गहरी समझ, विश्लेषण की क्षमता और सोचने की आदत विकसित करनी होगी। जब बच्चा प्रश्न पूछता है और समाधान खोजता है, तभी विज्ञान जीवंत होता है। उन्होंने कहा कि आज का जिज्ञासु विद्यार्थी ही कल का वैज्ञानिक और समाज का नवप्रवर्तक बनेगा। जिला नोडल अधिकारी पश्चिम भारत विज्ञान मेला भुवनेश्वर पटेल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रयोग के माध्यम से सीखना ही सच्ची शिक्षा है। बच्चों को अधिक से अधिक वैज्ञानिक योजनाओं एवं प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित करें। जब बच्चे विज्ञान के प्रति अपनी रोज की सोच विकसित करते हैं, तो निश्चित रूप से वे भविष्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं।
डीईओ ने निर्णायकों, शिक्षकों एवं प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि आप सभी बच्चों के भविष्य के निर्माता हैं आपका मूल्यांकन उनकी प्रेरणा का आधार बने। उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर चयनित विद्यार्थी अब आगामी जोन स्तरीय पश्चिम भारत विज्ञान प्रतियोगिता में रायगढ़ जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे। जिले के सातों विकासखंडों से चयनित विद्यार्थियों ने विज्ञान नाटिका, प्रश्न मंच, विज्ञान प्रदर्शनी तथा सतत कृषि, अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक के विकल्प, गणितीय मॉडलिंग, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, उभरती हुई प्रौद्योगिकी, जल संरक्षण एवं प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने नवाचार मॉडल प्रस्तुत किए। निर्णायक मंडल एवं प्रभारी शिक्षकों ने विद्यार्थियों के मॉडल, प्रस्तुति एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण का मूल्यांकन करते हुए उनकी रचनात्मकता, तार्किक सोच और वैज्ञानिक जिज्ञासा की सराहना की। कार्यक्रम के अंत में प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह मेला न केवल विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा और नवाचार की भावना को जगाने का माध्यम बना, बल्कि उन्हें भविष्य के वैज्ञानिक, नवोन्मेषक और खोजकर्ता बनने की दिशा में प्रेरित करने वाला प्रभावशाली मंच सिद्ध हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी विधाओं के प्रभारी, सहायक प्रभारी, निर्णायकगण एवं शिक्षकगणों का योगदान सराहनीय रहा। कार्यक्रम का संचालन जिला परियोजना अधिकारी साक्षर भारत देवेंद्र वर्मा, एपीसी भूपेंद्र पटेल, बी आर सी मनोज अग्रवाल, जिला सहायक नोडल अधिकारी पश्चिम भारत विज्ञान मेला वीर सिंह एवं कार्यक्रम संयोजक श्रीमति किरण मिश्रा के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन विजया पांडा द्वारा किया गया।

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