प्लांट को शीघ्र पूर्णतः क्रियाशील बनाने, पाइपलाइन विस्तार कर अधिक घरों तक गैस सुविधा पहुंचाने के निर्देश
स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और ग्रामीणों को अधिकतम लाभ दिलाने पर जोर
रायगढ़, 1 जुलाई 2026/ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने तथा बायोगैस परियोजनाओं के प्रभावी संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला पंचायत रायगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे ने आज ग्राम पंचायत बनसिया-ननसिया में स्थापित बायोगैस प्लांट का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने प्लांट की वर्तमान कार्यशील स्थिति, गैस उत्पादन क्षमता, पाइपलाइन व्यवस्था एवं लाभार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का विस्तार से जायजा लिया तथा अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान सीईओ श्री पठारे ने ग्राम पंचायत सचिव, सरपंच एवं रोजगार सहायक को निर्देशित किया कि बायोगैस प्लांट में आवश्यक तकनीकी एवं संरचनात्मक सुधार प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किए जाएं, ताकि प्लांट को पूरी तरह कार्यशील बनाकर ग्रामीणों को नियमित रूप से गैस की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने कहा कि शासन की इस महत्वपूर्ण योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को स्वच्छ एवं सुलभ ईंधन उपलब्ध कराना है, इसलिए इसके संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि वर्तमान पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार कर अधिक से अधिक पात्र परिवारों तक गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने की कार्यवाही समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए। इससे न केवल ग्रामीणों को स्वच्छ ईंधन मिलेगा, बल्कि पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
सीईओ श्री पठारे ने बायोगैस प्लांट के नियमित संचालन, रख-रखाव एवं सतत मॉनिटरिंग पर विशेष जोर देते हुए कहा कि सभी संबंधित अधिकारी समय-समय पर निरीक्षण कर प्लांट की कार्यप्रणाली की समीक्षा करें, ताकि किसी भी तकनीकी समस्या का त्वरित समाधान किया जा सके। उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है और बायोगैस प्लांट ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण तथा सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रायगढ़, उप संचालक पंचायत, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत तथा क्लस्टर कोऑर्डिनेटर भी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने तथा योजना का लाभ अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

