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    चिरायु टीम की तत्परता से तीन माह के मासूम को मिली नई मुस्कान

    Bychattisgarhmint.com

    Jul 21, 2026
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    जन्मजात कटे होंठ का निःशुल्क सफल ऑपरेशन, अब सामान्य रूप से कर रहा स्तनपान

    रायगढ़, 21 जुलाई 2026/ राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के अंतर्गत जन्मजात विकारों से पीड़ित बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सा उपलब्ध कराने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रभावी कार्य कर रहा है। इसी कड़ी में विकासखंड पुसौर के ग्राम कंवरिहा में चिरायु टीम की सतर्कता और त्वरित पहल से तीन माह के एक शिशु का सफल उपचार संभव हो सका।
    ग्राम कंवरिहा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में आयोजित स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान चिरायु टीम ए ने तीन माह के शिशु गौरांश सिदार का परीक्षण किया। जांच में शिशु के जन्मजात क्लेफ्ट लिप (कटे होंठ) से पीड़ित होने की पहचान हुई। समस्या की गंभीरता को देखते हुए टीम प्रभारी डॉ. रेनुका नायक, फार्मासिस्ट त्रिदेव राज, एएनएम निन्नी जांगड़े एवं लैब टेक्नीशियन प्रिया माझी ने तत्काल उच्च उपचार के लिए रेफर करते हुए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया। इसके बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुसौर के खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद नायक तथा खंड कार्यक्रम प्रबंधक नवीन शर्मा के समन्वय से शिशु का रायपुर स्थित कालड़ा हॉस्पिटल में निःशुल्क सफल ऑपरेशन कराया गया। उपचार के बाद अब शिशु पूरी तरह स्वस्थ है और बिना किसी कठिनाई के सामान्य रूप से स्तनपान कर रहा है। शिशु के परिजनों ने समय पर बीमारी की पहचान, उचित परामर्श एवं निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने के लिए चिरायु टीम और स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।
    गौरतलब है कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के तहत जन्म से 18 वर्ष तक के बच्चों की स्वास्थ्य जांच कर जन्मजात विकारों, बीमारियों, पोषण संबंधी कमियों तथा विकासात्मक विलंब की समय पर पहचान की जाती है। कार्यक्रम के अंतर्गत 44 प्रकार की जन्मजात विकृतियों एवं गंभीर बीमारियों, जैसे जन्मजात हृदय रोग, कटे होंठ एवं तालु (क्लेफ्ट लिप एवं पैलेट), जन्मजात मोतियाबिंद, सुनने एवं बोलने में अक्षमता सहित अन्य समस्याओं का निःशुल्क उपचार कराया जाता है। चिरायु की विशेषज्ञ मेडिकल टीम नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों एवं स्कूलों में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करती है। गंभीर बीमारी अथवा जन्मजात विकार पाए जाने पर बच्चों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर कर निःशुल्क ऑपरेशन एवं विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराया जाता है। यह कार्यक्रम बच्चों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।