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वीबी जी राम जी अधिनियम का व्यापक आईईसी अभियान जारी, 550 पंचायतों तक पहुंची जागरूकता

Bychattisgarhmint.com

Feb 17, 2026
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तीन चरण सफल, अब चौथे सप्ताह में ‘अहिंसा से अधिकार’ पर विशेष फोकस

रायगढ़, 17 फरवरी 2026/ भारत सरकार के महत्वाकांक्षी विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण (वीबी जी राम जी) अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन और जन-जागरूकता के लिए व्यापक आईईसी अभियान संचालित किया जा रहा है। जिले के सभी 07 विकासखंडों की 550 ग्राम पंचायतों में यह जन-संवाद कार्यक्रम लगातार जारी है।
अभियान का उद्देश्य अधिनियम की वैधानिक विशेषताओं, 125 दिन की रोजगार गारंटी, समयबद्ध भुगतान, डीबीटी प्रणाली और बेरोजगारी भत्ते जैसी महत्वपूर्ण प्रावधानों की स्पष्ट एवं संरचित जानकारी प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक पहुंचाना है, ताकि अधिकारों के प्रति सशक्त और जागरूक समाज का निर्माण हो सके।
26 जनवरी से प्रारंभ हुए इस अभियान के प्रथम तीन चरण सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं। जिसमें प्रथम सप्ताह ‘भ्रम बनाम तथ्य’ जिसमें मीडिया संवाद और तथ्य पत्रों के माध्यम से 125 दिन की वैधानिक गारंटी, विलंबित भुगतान और डिजिटल भुगतान प्रणाली पर स्पष्टता दी गई। वहीं द्वितीय सप्ताह-‘अधिकार संरक्षण संकल्प’ में ग्राम स्तर पर ‘समय पर काम, पूरा भुगतान’ की सामूहिक शपथ दिलाई गई, जिससे ग्रामीणों में अधिकारों के प्रति विश्वास बढ़ा। इसी तरह तृतीय सप्ताह-‘विकसित भारत ग्राम संवाद’ में चौपाल और ग्राम सभाओं के माध्यम से कार्य योजना निर्माण और बेरोजगारी भत्ते जैसे विषयों पर सीधा संवाद स्थापित किया गया।
अब चौथे सप्ताह 16 से 22 फरवरी तक ‘अहिंसा से अधिकार’ थीम पर विशेष गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। विद्यालयों में महात्मा गांधी जी और विकति भारत के गांव विषय पर पेंटिंग और भाषण प्रतियोगिताएँ आयोजित की जा रही हैं, जिससे नई पीढ़ी को ग्रामीण विकास की अवधारणा से जोड़ा जा सके। साथ ही पंचायत स्तर पर ‘रोजगार अधिकार जागरूकता यात्रा’ निकाली जा रही है, जिसमें सरपंच, पंच, स्वयं सहायता समूह, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और श्रमिक सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं।
125 दिन रोजगार गारंटी से आर्थिक स्वावलंबन की ओर बढ़ता रायगढ़
वीबी जी राम जी अधिनियम की प्रमुख विशेषताओं में प्रति परिवार 125 दिन का रोजगार, 60 दिन का कृषि अवकाश, 60ः40 के अनुपात में केंद्र-राज्य फंडिंग (पूर्वोत्तर राज्यों हेतु 90ः10), साप्ताहिक भुगतान व्यवस्था, 15 दिनों में काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता और बायोमेट्रिक हाजिरी सहित एआई आधारित डिजिटल पारदर्शिता शामिल है। ग्राम पंचायत भवनों में आयोजित समापन सभाओं में ग्रामीण परिसंपत्तियों के निर्माण, आजीविका सुदृढ़ीकरण और आर्थिक स्वावलंबन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार को अपने 125 दिन के वैधानिक रोजगार अधिकार की पूरी जानकारी हो और जिला स्तर से ग्राम स्तर तक पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रणाली विकसित हो सके। ‘अहिंसा से अधिकार’ के संदेश के साथ रायगढ़ अब विकसित और आत्मनिर्भर ग्राम व्यवस्था की दिशा में ठोस कदम बढ़ा रहा है।

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