ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंची प्रशासनिक सेवाएं, 382 शिविरों से मिला सीधा लाभ
किसानों व ग्रामीणों की समस्याओं का तेजी से हुआ समाधान, शेष प्रकरणों के लिए समयबद्ध कार्यवाही जारी
रायगढ़, 15 अप्रैल 2026/ जिले में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशानुसार 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक राजस्व पखवाड़ा के प्रथम चरण का सफल आयोजन किया गया। इस दौरान कुल 2444 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 1589 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर आमजन को त्वरित राहत प्रदान की गई। कलेक्टर के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान के तहत ग्राम पंचायतवार तिथियां निर्धारित कर जिले की सभी तहसीलों में कुल 382 शिविरों का सुव्यवस्थित संचालन किया गया। इन शिविरों के माध्यम से प्रशासनिक सेवाएं गांव-गांव तक पहुंचीं, जिससे किसानों एवं ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना नहीं पड़ा और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही राहत मिल सकी।
राजस्व पखवाड़ा के दौरान विवादित एवं अविवादित नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, त्रुटि सुधार, वृक्ष कटाई, आरबीसी 6-4 प्रकरण, आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, खसरा बी-1 वितरण, नक्शा सुधार, अभिलेख शुद्धता, भूमि स्वामी के खाते में आधार एवं मोबाइल नंबर प्रविष्टि तथा महतारी वंदन योजना अंतर्गत ई-केवाईसी जैसे विभिन्न प्रकरणों पर कार्यवाही की गई। कुल प्राप्त आवेदनों में से सर्वाधिक 649 आवेदन अविवादित नामांतरण से संबंधित रहे, जबकि तहसीलवार सर्वाधिक 535 आवेदन छाल तहसील से प्राप्त हुए। कलेक्टर द्वारा निर्देशित किया गया था कि तत्काल निराकरण योग्य प्रकरणों को मौके पर ही निपटाया जाए, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में आवेदनों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया गया। शेष आवेदनों के निराकरण की कार्रवाई नियमानुसार जारी है, जिन्हें निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्वक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप राजस्व पखवाड़ा अभियान तीन चरणों में संचालित किया जा रहा है। प्रथम चरण 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक सम्पन्न हुआ, जबकि द्वितीय चरण 4 मई से 18 मई तथा तृतीय चरण 1 जून से 15 जून 2026 तक आयोजित किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्रों के लिए ऑनलाइन आवेदन दर्ज किए जा रहे हैं तथा लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत निर्धारित समय-सीमा में सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। यह पहल न केवल आमजन को त्वरित राहत प्रदान कर रही है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित हो रही।
राजस्व पखवाड़ा बना त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम, प्रथम चरण में 1589 आवेदनों का मौके पर निराकरण
