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रायगढ़ में दो दिवसीय नवीन आपराधिक कानून जनजागरूकता प्रदर्शनी एवं कार्यशाला का शुभारंभ

Bychattisgarhmint.com

Jul 3, 2026

DGPs/IGPs कॉन्फ्रेंस-2025 की सिफारिशों पर पुलिस अधिकारियोंकर्मचारियों को मिला प्रशिक्षण

स्कूली बच्चों ने स्टॉलों का भ्रमण कर नवीन कानून, साइबर सुरक्षा, यातायात एवं महिला सुरक्षा की ली जानकारी

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने बच्चों से किया संवाद, प्रश्नोत्तरी के माध्यम से बढ़ाई कानूनी जागरूकता

कल 04 जुलाई कोपुलिस जन संवादकार्यक्रम का आयोजन, जागरूकता प्रर्दशनी रहेगी जारी

3 जुलाई, रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी के मार्गदर्शन पर रायगढ़ जिले में दिनांक 03 एवं 04 जुलाई को नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा आमजन में कानूनी जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से दो दिवसीय जनजागरूकता प्रदर्शनी एवं कार्यशाला का शुभारंभ किया जा रहा है । कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक मिश्रा, डीएसपी सुश्री उन्नति ठाकुर, एसडीओपी श्री सिद्धांत तिवारी, डीएसपी श्री उत्तम प्रताप सिंह एवं सुशांतो बनर्जी द्वारा मां सरस्वती के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम के प्रथम चरण में पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक सम्मेलन-2025 (DGPs/IGPs Conference-2025) की सिफारिशों के अनुरूप आधुनिक, तकनीक आधारित एवं जनकल्याणकारी पुलिसिंग विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। मुख्य वक्ता अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी ने बताया कि नवंबर 2025 में आईआईएम नया रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री तथा विभिन्न राज्यों के पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक शामिल हुए थे। सम्मेलन में थानों के आधुनिकीकरण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), CCTNS, ICJS, NATGRID, डेटा एनालिटिक्स, साइबर अपराध नियंत्रण, रियल टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग तथा ट्रस्ट-बेस्ड पुलिसिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई थी। कार्यशाला में इन सिफारिशों के प्रभावी क्रियान्वयन एवं पुलिस व्यवस्था को अधिक आधुनिक, पारदर्शी एवं जनोन्मुखी बनाने के संबंध में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया।

द्वितीय चरण में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) सहित नवीन आपराधिक कानूनों के विभिन्न प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नए कानूनों का उद्देश्य त्वरित एवं प्रभावी न्याय, पीड़ित-केंद्रित न्याय व्यवस्था, डिजिटल एवं तकनीक आधारित पुलिसिंग, महिलाओं एवं बच्चों की बेहतर सुरक्षा, संगठित अपराध, साइबर अपराध एवं आतंकवाद पर प्रभावी नियंत्रण तथा समयबद्ध विवेचना एवं न्यायिक प्रक्रिया सुनिश्चित करना है। इस अवसर पर नवीन कानूनों के अंतर्गत उपयोग में आने वाले नवीन प्रपत्रों तथा थाना एवं कार्यालयों में संधारित किए जाने वाले रजिस्टरों पर भी विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। कार्यक्रम में नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक मिश्रा ने पुलिसिंग में उपयोग किए जा रहे विभिन्न डिजिटल पोर्टलों की जानकारी दी, जबकि डीएसपी सुश्री उन्नति ठाकुर ने CCTNS विषय पर अपना प्रस्तुतीकरण प्रस्तुत किया। कार्यशाला के दौरान स्कूली बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने बच्चों से संवाद कर आयोजन की रूपरेखा से अवगत कराया और बताया कि दो दिवसीय प्रदर्शनी में नवीन कानून, यातायात सुरक्षा, महिला सुरक्षा (हेलो सिस्टर हेल्पलाइन) एवं साइबर अपराध जागरूकता पर आधारित चार प्रमुख स्टॉल लगाए गए हैं। एसएसपी ने बच्चों को नए कानूनों की आवश्यकता, उद्देश्य एवं उनके व्यावहारिक महत्व के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी तथा प्रश्नोत्तरी के माध्यम से उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का आयोजन में सहभागिता के लिए आभार भी व्यक्त किया।

इसके पश्चात विद्यार्थियों ने परिसर में लगाए गए सभी जागरूकता स्टॉलों का भ्रमण किया, जहां पुलिस अधिकारियों ने उन्हें नवीन आपराधिक कानूनों, सड़क सुरक्षा, महिला सुरक्षा, हेलो सिस्टर हेल्पलाइन तथा साइबर अपराध से बचाव संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे और विशेषज्ञ अधिकारियों से उनके समाधान प्राप्त किए। आयोजन के दौरान बच्चों के लिए अल्पाहार की भी व्यवस्था की गई। कार्यक्रम में जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी सहित शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र के पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

💬 एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने कहा – “नवीन कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन तभी संभव है, जब पुलिस और आमजन दोनों उनकी भावना, उद्देश्य और प्रक्रियाओं को समझें। यह कार्यशाला एवं जनजागरूकता प्रदर्शनी आधुनिक, पारदर्शी और जनकल्याणकारी पुलिसिंग की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

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