दीनदयाल योजना के तहत रायगढ़ जिले के 32 हजार से अधिक हितग्राहियों को मिल रहा प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये का आर्थिक सहयोग
आर्थिक सहायता से मजबूत हो रही आजीविका, बढ़ रहा परिवारों का आत्मविश्वास
सीधे बैंक खातों में पहुंच रही राशि, जरूरतमंद परिवारों को मिल रहा स्थायी संबल
वनोपज संग्राहकों, चरवाहों और पारंपरिक व्यवसाय से जुड़े परिवारों को भी मिल रहा लाभ
हितग्राहियों ने जताया आभार, कहा–योजना बनी सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का आधार
रायगढ़, 24 जून 2026/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुरूप मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार समाज के कमजोर, वंचित और श्रमजीवी वर्गों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसी कड़ी में संचालित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना जिले के हजारों भूमिहीन परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। योजना के तहत प्रतिवर्ष प्रदान की जाने वाली 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता जरूरतमंद परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बन रही है।
रायगढ़ जिले में इस योजना के अंतर्गत 32 हजार से अधिक पात्र हितग्राहियों को लाभ मिल रहा है। सहायता राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में अंतरित की जा रही है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होने के साथ-साथ परिवारों को समय पर आर्थिक सहयोग भी प्राप्त हो रहा है। शासन की यह पहल उन परिवारों के लिए राहत लेकर आई है, जिनकी आजीविका मुख्य रूप से मजदूरी और पारंपरिक व्यवसायों पर निर्भर है। जिले के नगरीय क्षेत्र में नगर पंचायत घरघोड़ा के 65, धरमजयगढ़ के 563, पुसौर के 371, किरोड़ीमल नगर के 9 तथा लैलूंगा के 304 हितग्राही योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में खरसिया के 7,391, घरघोड़ा के 1,135, छाल के 790, तमनार के 2,433, धरमजयगढ़ के 2,313, पुसौर के 7,360, मुकड़ेगा के 303, रायगढ़ के 6,985 तथा लैलूंगा के 2,020 हितग्राहियों को योजना का लाभ मिल रहा है।
यह योजना भूमिहीन कृषि मजदूरों के साथ-साथ वनोपज संग्राहकों, चरवाहों, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी तथा अन्य पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। राज्य सरकार की मंशा समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सम्मानजनक जीवन के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की है।
सहायता राशि से आसान हो रही पारिवारिक जिम्मेदारियां
ग्राम कोसमनारा के हरि प्रसाद डनसेना ने बताया कि भूमिहीन होने के कारण परिवार की आजीविका मजदूरी पर निर्भर थी। सीमित आय में परिवार की जरूरतों और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना कठिन होता था, लेकिन योजना से मिलने वाली सहायता राशि ने आर्थिक बोझ कम किया है और भविष्य के प्रति विश्वास बढ़ाया है। ग्राम कोसमनारा की कुंती देवांगन ने कहा कि योजना से प्राप्त राशि परिवार की आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में बड़ी मददगार साबित हो रही है। वहीं कांशीचुआ के जगतराम सारथी ने बताया कि यह योजना भूमिहीन मजदूर परिवारों के लिए अत्यंत उपयोगी है, जिससे वर्तमान आवश्यकताओं के साथ भविष्य की जरूरतों की भी बेहतर योजना बनाई जा रही है। रेवती बाई ने कहा कि योजना ने उन्हें आर्थिक सुरक्षा का एहसास कराया है और परिवार के भविष्य को लेकर नया आत्मविश्वास दिया है।
सम्मान और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना उनके लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का माध्यम बनकर सामने आई है। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना आज हजारों श्रमिक परिवारों के जीवन में खुशहाली लाते हुए प्रदेश में समावेशी विकास और सामाजिक न्याय की दिशा को मजबूती प्रदान कर रही है।

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