रायगढ़, 2 फरवरी 2024/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में रायगढ़ के ग्राम तुरंगा के गुरूकुल आश्रम में सत्य के प्रकाशक महर्षि दयानन्द सरस्वती की 200वीं जयंती पर ज्ञान ज्योति पर्व की श्रृंखला में अखिल भारतीय वैदिक महासम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आर्ष गुरुकुल आश्रम के स्थापक श्री चतुर्भुज गुप्ता की वयोवृद्ध धर्मपत्नी माता मल्लिका चतुर्भुज, वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी, श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, डॉ.रामकुमार पटेल सहित जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अखिल भारतीय वैदिक महासम्मेलन एवं सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहा की स्वामी दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती के अवसर पर संत सम्मेलन आयोजन महत्वपूर्ण हैं। इस कार्यक्रम में सम्मिलित होने का अवसर मिला यह मेरा सौभाग्य है। उन्होंने संत सम्मेलन में आए सभी आगंतुकों को धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1999 मैं पहली बार सांसद बना था। तब से मुझे आर्य समाज के आश्रमों में जाने के साथ ही कार्य करने का अवसर मिलता रहा है। आर्य समाज द्वारा ग्रामीण, आदिवासी क्षेत्रों में लोगों की शिक्षा एवं सामाजिक उत्थान के लिए लगातार उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने आर्य समाज को इसी प्रकार जनसेवा जारी रखने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि आप सभी लोगों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी पर विश्वास किया। आज हमारी सरकार को लगभग डेढ़ माह हुए हैं। हमारी सरकार प्रधानमंत्री श्री मोदी जी की गारंटी को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ चुकी है। इसी का परिणाम है कि आज प्रदेश में 18 लाख पीएम आवास की स्वीकृति प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारतरत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिवस 25 दिसंबर पूरे देश में सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन राज्य शासन ने प्रदेश के 12 लाख से अधिक किसानों को 2 साल के धान का बकाया बोनस भी दिया। प्रदेश के किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में कार्य करते हुए प्रति क्विंटल 3100 रुपए में तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी कर रही है। किसानों की सुविधा के लिए धान खरीदी की तारीख को 4 फरवरी तक बढ़ाया गया है, जिससे जो किसान धान नहीं बेच पाए है वो भी बेच पायेंगे। इस वर्ष बंपर धान खरीदी की गई है, जो तय लक्ष्य से अधिक हैं। इसी प्रकार तेन्दूपत्ता खरीदी के साथ ही चरण पादुका भी प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश आर्थिक रूप से सशक्त हो रहा है। इसी क्रम में 22 जनवरी को अयोध्या में भगवान श्रीराम की प्राण-प्रतिष्ठा की गई। शासन ‘रामलला दर्शन योजना’ के तहत प्रदेश के लोगों को रामलला के दर्शन भी कराएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वित्तमंत्री श्री ओपी चौधरी ने आर्ष गुरुकुल आश्रम के स्थापक श्री चतुर्भुज गुप्ता की वयोवृद्ध धर्मपत्नी माता मल्लिका चतुर्भुज का सम्मान भी किया
आर्य समाज ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा एवं सामाजिक उत्थान हेतु सक्रिय: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव सायमहर्षि दयानन्द सरस्वती की 200वीं जयंती पर अखिल भारतीय वैदिक महासम्मेलन एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री

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Equilibrado de piezas
El equilibrado constituye un proceso fundamental en las tareas de mantenimiento de maquinaria agricola, asi como en la produccion de ejes, volantes, rotores y armaduras de motores electricos. Un desequilibrio provoca vibraciones que incrementan el desgaste de los rodamientos, provocan sobrecalentamiento e incluso pueden causar la rotura de los componentes. Para evitar fallos mecanicos, es fundamental identificar y corregir el desequilibrio de forma temprana utilizando metodos modernos de diagnostico.
Metodos principales de equilibrado
Existen varias tecnicas para corregir el desequilibrio, dependiendo del tipo de componente y la intensidad de las vibraciones:
El equilibrado dinamico – Se aplica en elementos rotativos (rotores y ejes) y se realiza en maquinas equilibradoras especializadas.
El equilibrado estatico – Se usa en volantes, ruedas y otras piezas donde basta con compensar el peso en un solo plano.
La correccion del desequilibrio – Se lleva a cabo mediante:
Perforado (retirada de material en la zona de mayor peso),
Colocacion de contrapesos (en ruedas y aros de volantes),
Ajuste de masas de equilibrado (por ejemplo, en ciguenales).
Diagnostico del desequilibrio: ?que equipos se utilizan?
Para detectar con precision las vibraciones y el desequilibrio, se utilizan:
Maquinas equilibradoras – Permiten medir el nivel de vibracion y definen con precision los puntos de correccion.
Equipos analizadores de vibraciones – Registran el espectro de oscilaciones, detectando no solo el desequilibrio, sino tambien fallos adicionales (como el desgaste de rodamientos).
Sistemas laser – Se usan para mediciones de alta precision en mecanismos criticos.
Las velocidades criticas de rotacion requieren especial atencion – regimenes en los que la vibracion aumenta drasticamente debido a fenomenos de resonancia. Un equilibrado correcto previene danos en el equipo bajo estas condiciones.