इच्छुक आवेदक खादी ग्रामोद्योग शाखा में कर सकते है आवेदन
रायगढ़, 11 दिसम्बर 2025/ छत्तीसगढ़ खादी ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा राज्य के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में कुटीर उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बैंकों के जरिए ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इन योजनाओं में पात्र हितग्राहियों को 35 प्रतिशत तक शासन द्वारा अनुदान प्रदान किया जाता है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु जिले में आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। छ.ग.खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के सहायक संचालक ने बताया कि इच्छुक युवा और उद्यमी विभिन्न कुटीर उद्योगों की स्थापना हेतु आवेदन कर इन योजनाओं का लाभ ले सकते हैं। स्वरोजगार हेतु आवेदन प्रेषित करने हेतु सहायक संचालक/प्रभारी प्रबंधक खादी ग्रामोद्योग शाखा जिला पंचायत रायगढ़ कार्यालय से प्रत्यक्ष/दूरभाष नंबर 7898985249 पर संपर्क कर सकते है।
मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम-यह राज्य शासन द्वारा प्रायोजित योजना है। इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र के अजा. अजजा एवं पिछड़ा वर्ग को सेवा क्षेत्र जैसे (सायकल रिपेयरिंग, मोबाईल रिपेयरिंग, इलेक्ट्रॉनिक रिपेयरिंग/ इलेक्ट्रीक रिपेयरिंग, ब्यूटी पार्लर, फोटोकॉपी, विडियोग्राफी, टेन्ट हाऊस, च्वाईस सेन्टर, होटल इत्यादि) के लिए परियोजना लागत राशि 1.00 लाख रुपए एवं विनिर्माण क्षेत्र जैसे- (दोना पत्तल निर्माण, फेब्रीकेशन, दूग्ध आधारित उत्पाद निर्माण, साबुन निर्माण, मसाला निर्माण, दलिया निर्माण, पशुचारा निर्माण, फलाई एश ब्रिक्स, नूडल्स निर्माण इत्यादि) के लिए परियोजना लागत राशि 3 लाख रुपए तक का लोन बैंक के माध्यम से प्रदाय किया जाता है, जिसमें शासन द्वारा 35 प्रतिशत अनुदान का लाभ दिया जाता है। इस योजना मंे हितग्राही को परियोजना लागत का 5 प्रतिशत स्वयं का अंशदान विनियोजित करना होता है।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम-यह केन्द्र शासन की योजना है। इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र के अजा. अजजा. एवं पिछड़ा वर्ग को सेवा क्षेत्र जैसे (सायकल रिपेयरिंग, मोबाईल रिपेयरिंग, इलेक्ट्रॉनिक रिपेयरिंग/इलेक्ट्रीक रिपेयरिंग, ब्यूटी पार्लर, फोटो कॉपी, विडियोग्राफी, टेन्ट हाऊस. च्वाईस सेन्टर, होटल इत्यादि) के लिए परियोजना लागत राशि 20 लाख रुपए एवं विनिर्माण क्षेत्र जैसे-(दोना पत्तल निर्माण, फेब्रीकेशन, दूग्ध आधारित उत्त्पाद निर्माण, साबुन निर्माण, मसाला निर्माण, दलिया निर्माण, पशुचारा निर्माण, फलाई एश ब्रिक्स, नूडल्स निर्माण इत्यादि) के लिए 50 लाख रुपए तक का लोन बैंक के माध्यम से प्रदाय किया जाता है, जिसमें केन्द्र शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रांे के हितग्राहियो को 35 प्रतिशत तथा शहरी क्षेत्र के हितग्राही को 25 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। परंतु सामान्य वर्ग के पुरूष हितग्राही को ग्रामीण क्षेत्र में 25 प्रतिशत तथा शहरी क्षेत्र में 15 प्रतिशत अनुदान का लाभ दिया जाता है। इस योजना में हितग्राही को परियोजना लागत का 5 प्रतिशत स्वयं का अंशदान विनियोजित करना होता है। इस योजनांतर्गत ऑनलाईन आवेदन पीएमईजी पोर्टल (WWW.KVICONLINE.IN/PMEGP PORTAL) के माध्यम से स्वीकार किये जाते है।
आवेदन हेतु वांछित दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र (तहसीलदार द्वारा प्रमाणित), पासपोर्ट साईज फोटो, शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र (न्यूनतम 8वी), ग्राम पंचायत का अनापत्ति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, प्राजेक्ट रिपोट, पेनकार्ड, बैंक पासबुक की छायाप्रति एवं अन्य दस्तावेज आवश्यकतानुसार लगेंगे।
शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कुटीर उद्योग लगाने मिलेगा बैंक ऋण
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