रायगढ़, 4 अगस्त 2026/ जिले के दिव्यांगजनों को अत्याधुनिक एवं निःशुल्क पुनर्वास सेवाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से प्रशासन ने विशेष पहल शुरू की है। इसके तहत ऐसे दिव्यांगजनों का चिन्हांकन किया जाएगा, जिन्हें कृत्रिम अंग, ऑर्थोटिक उपकरण, सहायक उपकरण, फिजियोथेरेपी अथवा अन्य पुनर्वास सेवाओं की आवश्यकता है। चिन्हित हितग्राहियों को आवश्यक चिकित्सीय दस्तावेजों सहित कार्यालय फिजिकल रिफरल रिहैबिलिटेशन सेंटर (पी.आर.आर.सी.) एवं सेरेब्रल पाल्सी गेट लैब, माना कैम्प, रायपुर भेजा जाएगा, जहां विशेषज्ञों द्वारा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से सभी सेवाएं पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।
आधुनिक तकनीक से कृत्रिम अंग और पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध
समाज कल्याण विभाग के उप संचालक ने बताया कि पी.आर.आर.सी. माना कैम्प, रायपुर राज्य का एक विशेषीकृत पुनर्वास संस्थान है, जहां विभिन्न प्रकार के दिव्यांगजनों को आधुनिक मशीनों एवं विशेषज्ञ सेवाओं के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाली पुनर्वास सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। संस्थान में कृत्रिम अंग (प्रोस्थेटिक), ऑर्थोटिक उपकरण, विशेष सहायक उपकरणों का सटीक निर्माण, फिटमेंट एवं प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाता है। इससे दिव्यांग हितग्राहियों की कार्यक्षमता बढ़ने के साथ उनके जीवन की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार हो रहा है।
सेरेब्रल पाल्सी, स्ट्रोक और न्यूरोलॉजिकल मरीजों के लिए विशेष सुविधा
संस्थान परिसर में स्थापित सेरेब्रल पाल्सी गेट लैब में अत्याधुनिक फिजियोथेरेपी एवं गेट एनालिसिस मशीनों की सहायता से विशेषज्ञ फिजियोथेरेपिस्ट वैज्ञानिक पद्धति से फिजियोथेरेपी, गेट ट्रेनिंग, बैलेंस ट्रेनिंग, मसल री-एजुकेशन सहित विभिन्न पुनर्वास सेवाएं प्रदान करते हैं। इन सुविधाओं से विशेष रूप से सेरेब्रल पाल्सी, स्ट्रोक, स्पाइनल कॉर्ड इंजरी, न्यूरोलॉजिकल तथा अस्थि संबंधी दिव्यांगजन लाभान्वित हो रहे हैं। निजी संस्थानों में इन सेवाओं पर भारी खर्च आता है, जबकि यहां सभी सुविधाएं पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध हैं। दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले दिव्यांग हितग्राहियों एवं उनके एक सहयोगी के लिए आवश्यकता अनुसार निःशुल्क आवास की व्यवस्था भी की गई है।
स्कूली बच्चों सहित पात्र दिव्यांगजनों के चिन्हांकन पर विशेष जोर
प्रशासन ने जिले के सभी विकासखंडों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, जिला चिकित्सालय, जनपद पंचायतों, नगरीय निकायों, विशेष विद्यालयों, समावेशी शिक्षा से जुड़े अधिकारियों एवं संबंधित संस्थाओं को इन सेवाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं। विशेष रूप से ऐसे स्कूली बच्चों अथवा शिक्षा से वंचित बच्चों का चिन्हांकन किया जाएगा, जो सेरेब्रल पाल्सी या अन्य दिव्यांगता के कारण शिक्षा प्राप्त करने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं। उनका समय पर उपचार एवं पुनर्वास सुनिश्चित कर उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों से समन्वय बनाकर अधिक से अधिक पात्र दिव्यांगजनों तक इस निःशुल्क एवं अत्याधुनिक पुनर्वास सुविधा का लाभ पहुंचाने की अपील की है।

