स्रोत प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं करने वाले बीज विक्रेताओं पर कार्रवाई, 9 केंद्रों को जारी किया गया कारण बताओ नोटिस
गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने कृषि विभाग का अभियान जारी, अब तक 107 नमूने जांच के लिए भेजे गए
रायगढ़, 24 जून 2026/ खरीफ सीजन 2026 के दौरान किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य शासन के मंशानुरूप जिला प्रशासन के निर्देश पर कृषि विभाग द्वारा जिलेभर में सघन निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में 23 जून को जिले के सभी विकासखंडों में 18 बीज विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बीज नियंत्रण आदेश 1983 के प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर विभिन्न बीज विक्रेताओं के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए कुल 37.45 क्विंटल बीज के विक्रय, वितरण एवं परिवहन पर प्रतिबंध लगाया गया।
उप संचालक कृषि श्री अनिल वर्मा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान खरसिया स्थित मेसर्स जय बालाजी एजेंसी, समलेश्वरी बीज भंडार पटेलपाली, बालाजी बीज भंडार पटेलपाली, मुकेश बीज भंडार धरमजयगढ़, श्री श्याम कृषि केंद्र सिसरिंगा तथा सागर कृषि केंद्र पुसौर में बीजों के स्रोत संबंधी दस्तावेजों की जांच की गई। जांच के दौरान कई प्रतिष्ठानों द्वारा विक्रय किए जा रहे बीजों के वैध स्रोत प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किए जा सके, जिसके चलते विभाग द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित बीजों की बिक्री पर रोक लगा दी गई।
खरसिया स्थित जय बालाजी एजेंसी में अंकुर सीड एवं मनसा सीड के स्रोत प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किए जाने पर अंकुर सोनम एवं मनसा विराट धान बीज के स्टॉक के विक्रय, वितरण एवं परिवहन पर प्रतिबंध लगाया गया। इसी प्रकार रायगढ़ विकासखंड के समलेश्वरी बीज भंडार पटेलपाली, बालाजी बीज भंडार पटेलपाली, मुकेश बीज भंडार धरमजयगढ़ एवं श्री श्याम कृषि केंद्र सिसरिंगा में पान सीड्स प्राइवेट लिमिटेड के बीजों के स्रोत प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किए जाने पर सात दिवस के लिए विक्रय प्रतिबंध लगाया गया। वहीं पुसौर स्थित सागर कृषि केंद्र में धान की किस्म आईआर-64 के स्रोत प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण उसके विक्रय पर रोक लगाई गई है। कृषि विभाग ने निरीक्षण के दौरान मासिक प्रतिवेदन एवं आवश्यक अभिलेखों का संधारण नहीं पाए जाने पर जिले के 9 बीज विक्रय केंद्रों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है।
उप संचालक कृषि कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीफ 2026 में बीजों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अब तक 107 नमूने जांच हेतु राज्य स्तरीय बीज गुण नियंत्रण प्रयोगशाला भेजे जा चुके हैं। इनमें 84 नमूने सहकारी क्षेत्र तथा 23 नमूने निजी क्षेत्र से लिए गए हैं। विभाग ने बताया कि जिले में खरीफ सीजन की आवश्यकता के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में बीज सहकारी एवं निजी क्षेत्र में उपलब्ध हैं। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल सेवा सहकारी समितियों अथवा अधिकृत बीज विक्रेताओं से ही बीज क्रय करें तथा खरीद के समय पक्का बिल अवश्य प्राप्त करें। इससे बीज की गुणवत्ता संबंधी किसी भी शिकायत अथवा दावे के निराकरण में सुविधा होगी। विभाग ने किसानों को सतर्क रहते हुए प्रमाणित एवं गुणवत्तायुक्त बीजों का ही उपयोग करने की सलाह दी है।

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