रायगढ़, 11 सितम्बर 2025/ जिले में संचालित सभी निजी क्लिनिक, लैब एवं हॉस्पिटल को छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापना (अनुज्ञापन) अधिनियम 2010 एवं नियम 2013 (नर्सिंग होम एक्ट) के प्रावधानों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत ने कहा कि प्रत्येक क्लिनिक, लैब एवं हॉस्पिटल के लिए अनुज्ञा पत्र (लाइसेंस) और पंजीयन अनिवार्य है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति संचालित किसी भी संस्था को अधिनियम का उल्लंघन माना जाएगा और ऐसे संस्थानों के विरुद्ध नियमित प्रक्रिया अनुसार कार्रवाई की जाएगी। लाइसेंस रहित संस्थानों की जिम्मेदारी सीधे संचालक एवं प्रमुख चिकित्सक की होगी। मरीजों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सीएमएचओ ने संचालकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करते हुए अपने संस्थान को पंजीकृत कराएं और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में प्रशासन का सहयोग करें।
नर्सिंग होम एक्ट का उल्लंघन करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई: सीएमएचओ

Перед тем как сделать правильный выбор в пользу вызова специалистов, оцените состояние больного. Даже если он отказывается от помощи, близкие должны понимать, что промедление опасно. Ниже приведен перечень ключевых симптомов, при которых рекомендуется незамедлительная постановка капельницы. Учитывая состояние пациента и стаж алкоголизма, врач определит оптимальную дозировку препаратов.
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