सारंगढ़-बिलाईगढ़, 5 जुलाई 2026/जिले में राष्ट्रीय गैर- संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन एवं स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से गत शुक्र और शनिवार को दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुष्पेन्द्र कुमार वैष्णव के मार्गदर्शन, जिला नोडल अधिकारी डॉ. रूपेंद्र साहू के नेतृत्व तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक दीपक धारा के समन्वय में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में राज्य स्तर से आए मास्टर प्रशिक्षक डॉ. उर्वीन शाह डब्ल्यूएचओ सलाहकार एवं अतुल शुक्ला ने जिले के समस्त डेटा प्रबंधकों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थ ग्रामीण चिकित्सा सहायकों, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों तथा डेटा एंट्री ऑपरेटरों को प्रशिक्षण प्रदान किया।
प्रशिक्षण के प्रथम दिवस में प्रतिभागियों को कैंसर, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग एवं स्ट्रोक जैसे गैर-संचारी रोगों की रोकथाम, स्क्रीनिंग, उपचार एवं फॉलो-अप संबंधी प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही कार्यक्रम की रिपोर्टिंग, मॉनिटरिंग एवं सुपरविजन से जुड़े महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी साझा किए गए। द्वितीय दिवस में एनपी-एनसीडी ऑनलाइन पोर्टल पर डेटा एंट्री, डेटा की शुद्धता एवं समयबद्ध रिपोर्टिंग पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान आयुष्मान आरोग्य मंदिर एवं संस्थावार उपलब्ध आंकड़ों का विश्लेषण कराया गया तथा प्रतिभागियों को पोर्टल पर व्यवहारिक अभ्यास भी कराया गया। विशेषज्ञों ने डेटा एंट्री में आने वाली सामान्य त्रुटियों, उनके निराकरण एवं गुणवत्ता सुधार के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान विशेषज्ञों द्वारा किया गया तथा फील्ड स्तर पर आने वाली चुनौतियों से निपटने के व्यावहारिक सुझाव दिए गए। यह प्रशिक्षण जिले में गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के प्रभावी संचालन एवं सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की क्षमता वृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुआ।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर जिला स्वास्थ्य समिति, सारंगढ़- बिलाईगढ़ की ओर से मास्टर प्रशिक्षकों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया तथा सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण -पत्र वितरित किए गए। प्रशिक्षण का सफल संचालन जिला प्रबंधक, प्रशिक्षण एवं मानव संसाधन ममता जोल्हे, कार्यालय सहायक शेखर एवं डमरूधर साहू के सहयोग से संपन्न हुआ। अंत में डॉ. वैष्णव ने सभी प्रशिक्षकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल समापन की घोषणा की।
