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सुशासन तिहार 2026: रायगढ़ में जनसमस्या निवारण शिविरों की शुरुआत, कलेक्टर ने दिए सूक्ष्म जांच और उच्च गुणवत्ता के साथ त्वरित निराकरण के निर्देश

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May 5, 2026

जिले में आगामी 10 जून तक 5 चरणों में होंगे 27 शिविर, क्लस्टरवार ग्राम पंचायतों की व्यापक भागीदारी

मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों के औचक निरीक्षण से जमीनी हकीकत का लिया जा रहा फीडबैक

स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा व बुनियादी सेवाओं पर फोकस, विभागों को समयबद्ध कार्ययोजना के निर्देश

रायगढ़, 5 मई 2026/ राज्य शासन की मंशानुरूप आयोजित सुशासन तिहार-2026 के तहत रायगढ़ जिले में जनसमस्या निवारण शिविरों का सिलसिला प्रारंभ हो चुका है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने समय-सीमा की बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि शिविरों में प्राप्त मांग, शिकायत और समस्याओं का अत्यंत सूक्ष्मता, गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ परीक्षण किया जाए तथा प्रत्येक आवेदन का उच्च गुणवत्ता के साथ समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर भी इन आवेदनों की बारीकी से समीक्षा की जा रही है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर ने बताया कि सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री स्वयं और राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी प्रदेशभर में लगातार औचक निरीक्षण कर रहे हैं। इन निरीक्षणों के माध्यम से वे जनकल्याणकारी योजनाओं, अभियानों और हितग्राही मूलक योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन कर रहे हैं तथा सीधे आमजन से फीडबैक ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से शासन को जमीनी हकीकत की स्पष्ट जानकारी मिल रही है, जिससे योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। उन्होंने जिला एवं अनुविभाग स्तर के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे इस अभियान को अत्यंत गंभीरता से लें और शिविरों के आयोजन से पूर्व सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने शिविरों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर देते हुए कहा कि कोटवारों, दीवार लेखन, मुनादी और अन्य स्थानीय माध्यमों से गांव-गांव तक सूचना पहुंचाई जाए, ताकि ग्रामीण, किसान, महिलाएं और युवा अधिक से अधिक संख्या में शिविरों में पहुंचकर अपनी समस्याओं का समाधान करा सकें।
जिले में 5 मई से 10 जून 2026 तक पांच चरणों में कुल 27 जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। ये शिविर क्लस्टरवार आयोजित है, जिनमें आसपास की कई ग्राम पंचायतों को जोड़ा गया है। इन शिविरों का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करना, शासन की योजनाओं की जानकारी देना और पात्र हितग्राहियों को तत्काल लाभ पहुंचाना है। शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहकर शिकायतों का त्वरित निराकरण करेंगे तथा आवश्यकतानुसार ऑन-द-स्पॉट सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
प्रथम चरण के अंतर्गत 6 मई को लैलूंगा विकासखंड के ग्राम पंचायत झगरपुर में आयोजित शिविर में 18 ग्राम पंचायतों को जोड़ा गया है। 7 मई को पुसौर विकासखंड के औरदा स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल परिसर में 22 ग्राम पंचायतों की भागीदारी होगी। इसी प्रकार 8 मई को खरसिया विकासखंड के सरवानी में आयोजित शिविर में 20 ग्राम पंचायतें शामिल होंगी। 11 मई को घरघोड़ा विकासखंड के घरघोड़ी (धांगरपारा) में 21 तथा 12 मई को तमनार के कुंजेमूरा में 20 ग्राम पंचायतों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। द्वितीय चरण के अंतर्गत 13 से 20 मई तक 6 शिविर, तृतीय चरण में 21 से 29 मई तक 6 शिविर, चतुर्थ चरण में 1 से 5 जून तक 5 शिविर तथा पंचम चरण में 8 से 10 जून तक 3 शिविरों का आयोजन किया जाएगा। प्रत्येक चरण में संबंधित विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है, ताकि किसी भी समस्या का तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने अन्य महत्वपूर्ण विषयों की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में हाल ही में आयोजित बैठक में लिए गए निर्णयों के क्रियान्वयन पर जोर देते हुए जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और गुणवत्ता सुधार के निर्देश दिए। साथ ही लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगर निगम एवं अन्य विभागों को भी समन्वय के साथ कार्य करने के लिए कहा।
कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कलेक्टर ने प्रत्येक विकासखंड में एक-एक ग्राम को जैविक खेती के लिए चयनित करने, किसानों को जैविक खाद के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करने तथा जिले में सुगंधित धान की खेती को बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि, खाद, मार्कफेड और सहकारी संस्थाओं के अधिकारियों को मांग के अनुरूप जिले को प्राप्त उर्वरक खाद-बीज की मात्रा एवं सहकारी समितियों में खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा इसकी नियमित मॉनिटरिंग कर दैनिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके अलावा पंचायतों में वित्तीय अनियमितताओं की वसूली, विद्युत विहीन आंगनबाड़ी केंद्रों की जांच, जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण कार्यों के सुचारू संचालन, नए आंगनबाड़ी भवनों के लिए भूमि आबंटन तथा शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन बनाए रखने जैसे विषयों पर भी कलेक्टर ने दिशा-निर्देश दिए।
कलेक्टर ने हाल ही में आयोजित बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की टीम को बधाई देते हुए आगामी सत्र के लिए और बेहतर रणनीति बनाने पर जोर दिया। साथ ही राजस्व प्रकरणों, नक्शा आबंटन और लंबित आवेदनों के समयबद्ध निराकरण के लिए अधिकारियों को विशेष रूप से सतर्क रहने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे, आयुक्त नगर निगम श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय, एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, अपर कलेक्टर श्री रवि राही, डॉ.प्रियका वर्मा सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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