प्रमाणित बीज का उत्पादन और बिक्री है किसानों के लिए लाभकारी व्यवसाय
सारंगढ़-बिलाईगढ़, 30 अगस्त 2025/छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम छत्तीसगढ़ शासन का उपक्रम है, जिसके द्वारा प्रत्येक वर्ष खरीफ मौसम में कृषकों को बीज उत्पादन कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर प्रदान किया जाता है। प्रमाणित बीज उत्पादन के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2025 है। बीज उत्पादक किसान बनने के लिए, जिन किसानों के पास 2.5 एकड़ या इससे अधिक ज़मीन है वो छत्तीसगढ़ राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था में मामूली शुल्क देकर अपना पंजीयन करा सकते है। इसके लिए किसान को सारंगढ़ – बिलाईगढ जिले के बीज प्रकिया केंद्र बरमकेला में संपर्क करना होगा या अपने क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से भी बात कर सकते हैं। धान या अन्य फसल उत्पादन में पुराने बीज की तुलना में प्रमाणित बीज के उपयोग से 10 से 15 प्रतिशत अधिक उपज प्राप्त होता है। फ़सल की पैदावार बढ़ाने के लिए कृषि विभाग द्वारा प्रमाणित बीज के उपयोग को बढ़ावा दिया जाता है। प्रदेश के किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार किस्मों का प्रमाणित बीज मुहैया कराने के लिए बीज निगम बीज उत्पादन कार्यक्रम आयोजित करता है। फ़सल कटने पर प्रक्रिया केंद्र में बीज देने पर किसान को एक सप्ताह में बीज की अग्रिम राशि दे दी जाती है, जो कुल बीज की कीमत का लगभग 60% राशि है शेष 40% राशि बीज परीक्षण परिणाम आने पर दी जाती है। लगभग 2 माह में भुगतान होता है।पिछले वर्ष में शासन का बीज मूल्यपिछले खरीफ वर्ष में धान मोटा किस्म की किसानों से बीज खरीदी दर 3043+800 (बोनस)= 3843 रुपये प्रति क्विंटल, धान पतला किस्म- 3211+800(बोनस) = 4011 रुपये प्रति क्विंटल, सुगंधित किस्म- 3644+800(बोनस)= 4444 रुपये प्रति क्विंटल था।इसप्रकार, पिछले खरीफ में जिन किसानों ने बीज निगम में उत्पादन कार्यक्रम में हिस्सा लिया था, उन्हें शासन द्वारा निर्धारित धान की खरीदी दर 3100/- प्रति क्विंटल की तुलना में मोटे किस्म की 743 रुपये प्रति क्विंटल अर्थात 15603 रुपए प्रति एकड़ अधिक मिले। मतलब 1 हेक्टेयर वाले किसान को लगभग 40 हजार रुपये अधिक मिले। हालांकि किसानों को बीज का 40% राशि मिलने में दो से ढाई माह लगता है किन्तु तब भी किसी अन्य निवेश से अधिक लाभ प्राप्त होने से किसान इस कार्यक्रम के प्रति उत्साहित रहते हैं। प्रमाणित बीज का उत्पादन और बिक्री है किसानों के लिए लाभकारी व्यवसाय है। अभी शासन स्तर पर उत्पादन अनुदान बढ़ाने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है, जिसे अंतिम रूप मिलने पर लाभ और अधिक होगा। बीज प्रमाणीकरण अधिकारी से इसकी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।