घर–घर पहुंचकर की जा रही संदिग्ध मरीजों की पहचान और जांच
रायगढ़, 08 जुलाई 2026/ कलेक्टर के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत के मार्गदर्शन में जिले में राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 15 जून से 15 जुलाई 2026 तक 30 दिवसीय सघन कुष्ठ खोज अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य घर-घर पहुंचकर कुष्ठ रोग के संदिग्ध मरीजों की पहचान करना, समय पर उनकी जांच सुनिश्चित करना तथा उपचार उपलब्ध कराकर रोग के प्रसार को रोकना है।
अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग की टीम, मितानिन एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ता ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में घर-घर सर्वे कर लोगों की जांच कर रहे हैं। अभियान के माध्यम से कुष्ठ रोग की प्रारंभिक अवस्था में पहचान कर उपचार शुरू करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे रोग से होने वाली विकलांगता एवं सामाजिक कलंक को कम किया जा सके।
केंद्रीय टीम ने स्वास्थ्य केंद्रों और फील्ड गतिविधियों का किया निरीक्षण
जिले में संचालित अभियान की गुणवत्ता, प्रगति एवं कार्यप्रणाली का मूल्यांकन करने भारत सरकार की केंद्रीय टीम रायगढ़ पहुंची। टीम में डॉ. बालाजी एम., चेंगलपट्टू (तमिलनाडु) एवं आरएलटीआरआई रायपुर की सहायक निदेशक (एपिडेमियोलॉजी) डॉ. किरण स्वप्निल शामिल थीं।निरीक्षण के दौरान केंद्रीय टीम ने जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. अविनाश चंद्र से अभियान की कार्ययोजना, माइक्रोप्लान, मितानिनों द्वारा किए जा रहे सर्वे कार्य, सत्यापन दलों की कार्यप्रणाली तथा प्रभारी चिकित्सकों द्वारा की जा रही निगरानी व्यवस्था की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इसके पश्चात डीएनटी टीम के सदस्यों की उपस्थिति में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चपले एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुसौर का निरीक्षण किया गया। टीम ने स्वास्थ्य केंद्रों में कुष्ठ रोगी पंजी, एमडीटी दवाओं की उपलब्धता, रोगियों के उपचार एवं फॉलोअप व्यवस्था, जांच प्रक्रिया तथा अभिलेखों का बारीकी से अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध संसाधनों एवं अभियान की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया गया।
प्रसार दर को एक प्रति दस हजार से कम करने का लक्ष्य
केंद्रीय टीम ने विकासखंड पुसौर के उप स्वास्थ्य केंद्र तुरंगा एवं चपले क्षेत्र के टेमटेमा गांव में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं मितानिनों के साथ घर-घर भ्रमण कर अभियान की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान टीम ने संदिग्ध मरीजों का स्वयं परीक्षण किया तथा जांच पर्यवेक्षकों और फील्ड कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। निरीक्षण के दौरान डॉ. बालाजी एम. एवं डॉ. किरण स्वप्निल ने डीएनटी टीम के सदस्य एम.पी. साहू एवं दिनेश यादव से फील्ड स्तर पर संचालित गतिविधियों, सर्वे रिपोर्ट, संदिग्ध मरीजों की पहचान तथा उपचार संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी भी प्राप्त की।
जिला कुष्ठ उन्मूलन अधिकारी डॉ. अविनाश चंद्र ने बताया कि वर्तमान में रायगढ़ जिले में कुष्ठ रोग की प्रसार दर 3.74 प्रति 10 हजार जनसंख्या है। शासन द्वारा इसे घटाकर एक प्रति 10 हजार जनसंख्या से कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए जिले में सघन कुष्ठ खोज अभियान को प्रभावी एवं सुनियोजित ढंग से संचालित किया जा रहा है, ताकि कुष्ठ रोग की समय रहते पहचान कर प्रत्येक मरीज को उपचार उपलब्ध कराया जा सके और जिले को कुष्ठ मुक्त बनाने की दिशा में ठोस प्रगति सुनिश्चित हो सके।

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