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    डेयरी एनालॉग उत्पादों पर सख्ती: खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई

    Bychattisgarhmint.com

    Aug 4, 2026

    फ्रेसशेल डेयरी सहित कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, नमूने जांच के लिए भेजे

    रायगढ़, 4 अगस्त 2026/ उपभोक्ताओं को मिलावटी एवं अमानक डेयरी उत्पादों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन रायगढ़ ने जिले में डेयरी एनालॉग (नकली पनीर, क्रीम एवं मक्खन) के निर्माण, भंडारण, परिवहन एवं विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध के निर्देशों का कड़ाई से पालन शुरू कर दिया है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मंगलवार को शहर एवं आसपास के प्रमुख डेयरी प्रतिष्ठानों का आकस्मिक निरीक्षण कर खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच की तथा संदिग्ध डेयरी उत्पादों के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और मिलावटी अथवा अमानक डेयरी उत्पादों के खिलाफ लगातार अभियान जारी रहेगा।
    खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने बड़े रामपुर स्थित फ्रेसशेल डेयरी का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान की स्वच्छता व्यवस्था, अभिलेखों तथा उत्पादन संबंधी दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई। निरीक्षण में डेयरी एनालॉग पनीर का उत्पादन अथवा भंडारण नहीं मिला, लेकिन संदेह के आधार पर प्रतिष्ठान से दही एवं पनीर के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए। इसके अलावा शहर के गणगौर स्वीट्स से पनीर एवं यूज्ड कुकिंग ऑयल के नमूने भी जांच के लिए लिए गए। वहीं जूटमिल स्थित मामा डेयरी, गणेश डेयरी एवं सुश्री होटल का भी निरीक्षण कर संचालकों को खाद्य सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करने तथा किसी भी प्रकार के डेयरी एनालॉग उत्पाद का उपयोग नहीं करने की सख्त हिदायत दी गई।

    क्या है डेयरी एनालॉग, क्यों माना जा रहा है स्वास्थ्य के लिए खतरा

    अभिहित अधिकारी सुधा चौधरी ने बताया कि डेयरी एनालॉग ऐसे उत्पाद होते हैं जिनमें प्राकृतिक दूध के स्थान पर वनस्पति तेल, वनस्पति वसा एवं अन्य गैर-दुग्ध अवयवों का उपयोग किया जाता है। ये उत्पाद देखने में सामान्य पनीर, क्रीम या मक्खन जैसे ही प्रतीत होते हैं, जिससे उपभोक्ता आसानी से भ्रमित हो सकते हैं। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के निर्देशों के अनुरूप ऐसे उत्पादों के संबंध में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। उन्होंने बताया कि जिले के सभी डेयरी एवं खाद्य कारोबारियों को डेयरी एनालॉग उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन एवं विक्रय पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

    उपभोक्ताओं से सतर्क रहने की अपील, शिकायत के लिए हेल्पलाइन जारी

    खाद्य सुरक्षा विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे डेयरी उत्पाद खरीदते समय पैकेट पर अंकित जानकारी अवश्य पढ़ें और यदि किसी उत्पाद पर डेयरी एनालॉग लिखा हो तो उसे खरीदने से बचें। इसके साथ ही खुले में बिकने वाले पनीर, दूध एवं दूध से बनी मिठाइयों की गुणवत्ता को लेकर विशेष सावधानी बरतें तथा केवल एफएसएसएआई लाइसेंसधारी एवं विश्वसनीय प्रतिष्ठानों से ही खाद्य सामग्री खरीदें। यदि किसी भी स्थान पर मिलावटी खाद्य पदार्थ अथवा संदिग्ध डेयरी उत्पादों के निर्माण या बिक्री की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल खाद्य एवं औषधि प्रशासन के हेल्पलाइन नंबर 9340597097 पर दें। निरीक्षण दल में अभिहित अधिकारी सुधा चौधरी, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी नेमीचंद पटेल तथा नमूना सहायक सुमन अग्रवाल शामिल रहे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण एवं सैंपलिंग की कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

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