नृत्य नाटिका समारोह में बना आकर्षण का केंद्र
संस्कार भारती महाकौशल प्रांत की टीम द्वारा दी गई नाटिका की जीवंत प्रस्तुति
रायगढ़, 29 अगस्त 2025/ अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चक्रधर समारोह के तीसरे दिन दर्शकों को नृत्य और संगीत की विविध विधाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। देश-प्रदेश से आए कलाकारों की प्रस्तुतियों ने जहां समारोह की गरिमा को बढ़ाया, वहीं जबलपुर (मध्यप्रदेश) से पहुंचे संस्कार भारती महाकौशल प्रांत की टीम ने अपनी ऐतिहासिक नृत्य नाटिका से दर्शकों के हृदय को गहराई तक छू लिया। नाट्य विधा प्रमुख कमलेश यादव के नेतृत्व में प्रस्तुत गोंडवाना की वीरांगना रानी दुर्गावती पर आधारित नृत्य नाटिका समारोह का आकर्षण का केंद्र बनी। मंचन में रानी दुर्गावती के जन्म से लेकर विवाह और मुगल साम्राज्य के विरुद्ध उनके शौर्यपूर्ण संघर्ष को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। वीरांगना की अदम्य साहस, पराक्रम और बलिदान को कलाकारों ने अपनी सजीव भाव-भंगिमाओं और भावपूर्ण संवादों के माध्यम से इस तरह चित्रित किया कि दर्शकगण भाव-विभोर हो उठे। नृत्य, संगीत और नाट्य का अद्भुत संगम इस प्रस्तुति में दिखाई दिया। विशेष रूप से युद्ध के प्रसंग और रानी की वीरता के दृश्यों ने दर्शकों में देशभक्ति और गौरव की भावना का संचार किया।
गोंडवाना की वीरांगना रानी दुर्गावती की जीवनी चक्रधर समारोह में नाट्य रूप में हुई जीवंत
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